पटना. बिहार में जातिगत सर्वे के आधार पर जातिगत गणना के आंकड़े पेश कर दिए गए हैं. बिहार के मुख्य सचिव ने सोमवार को जाति आधारित गणना 2022 की पुस्तिका का विमोचन किया. इसके जरिए जातिगत गणना के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए गए हैं. इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सर्वे टीम को बधाई दी. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हेंडल (X) ट्विटर पर लिखा कि बिहार विधानसभा के सभी 9 दलों की सहमति से जातिगत गणना का निर्णय लिया गया था. इससे जातियों ही नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति की जानकारी भी मिली है.
जातिगत गणना के आंकड़े प्रकाशित होने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया हेंडल ट्विटर (X) से एक पोस्ट की है. इसमें उन्होंने लिखा कि आज गांधी जयंती के शुभ अवसर पर बिहार में कराई गई जाति आधारित गणना के आंकड़े प्रकाशित कर दिए गए हैं. जाति आधारित गणना के कार्य में लगी हुई पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई. जाति आधारित गणना के लिए सर्वसम्मति से विधानमंडल में प्रस्ताव पारित किया गया था.

गणना के आधार पर होगा सभी वर्गों का विकास
सीएम नीतीश कुमार ने लिखा कि बिहार विधानसभा के सभी 9 दलों की सहमति से निर्णय लिया गया था कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से जाति आधारित गणना कराएगी. दिनांक 02-06-2022 को मंत्रिपरिषद से इसकी स्वीकृति दी गई थी. इसके आधार पर राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से जाति आधारित गणना कराई है. जाति आधारित गणना से न सिर्फ जातियों के बारे में पता चला है बल्कि सभी की आर्थिक स्थिति की जानकारी भी मिली है. इसी के आधार पर सभी वर्गों के विकास और उत्थान के लिए अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी. इस जाति आधारित गणना को लेकर शीघ्र ही बिहार विधानसभा के उन्हीं 9 दलों की बैठक बुलाई जाएगी. उन्हें इसके परिणामों से उन्हें अवगत कराया जाएगा.
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