बिहार के सभी 40 पुलिस जिलों में अब ट्रैफिक थाना कार्यरत हो गया है। बुधवार को एक साथ राज्य के शेष बचे 28 जिलों में संबंधित एसपी ने ट्रैफिक थाना का उद्घाटन किया। एडीजी यातयात सुधांशु कुमार ने बताया कि ट्रैफिक थानों के लिए पुलिस पदाधिकारियों व कार्यबल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। अभी तक पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत 12 जिलों में 15 ट्रैफिक थाने थे।

ट्रैफिक एडीजी ने बताया कि इन यातायात थानों का कार्यक्षेत्र संपूर्ण जिला होगा और यह संबंधित जिलों के एसपी के नियंत्रण में काम करेंगे। प्रत्येक ट्रैफिक थाने के लिए डीएसपी नोडल पदाधिकारी होंगे। थानों की भूमिका एवं दायित्व से जुड़ा विस्तृत आदेश जल्द ही निर्गत किया जाएगा।

एनएच-एसएच की सुरक्षा का भी होगा जिम्मा
एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि नए ट्रैफिक थाने शहरी इलाकों में यातायात नियंत्रण के साथ नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई तो करेंगे ही, साथ ही जिले के चोक प्वॉइंट का भी अध्ययन करेंगे। इसके साथ ही जिले के राष्ट्रीय (एनएच) और राजकीय उच्च पथों (एसएच) पर सड़क सुरक्षा का दायित्व भी यातायात थानों पर होगा।
सड़क दुर्घटना के कांडों से संबंधित आंकड़े जुटाने, कांडों का ससमय अनुसंधान करने और पीडि़तों को दावा भुगतान के मामले में भी ट्रैफिक थाने नोडल भूमिका निभाएंगे। दुर्घटना के बाद आपातकालीन चिकित्सीय प्रतिक्रिया (गोल्डन आवर) में सहयोग भी करेंगे। ट्रैफिक थानों की मदद से दुर्घटना का वैज्ञानिक विश्लेषण करने में भी मदद मिलेगी।