पटना. इंडिया गठबंधन के सूत्रधार कहे जाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या नाराज हैं? जब से दिल्ली में इंडिया अलायंस की चौथी बैठक दिल्ली में हुई है और पीएम पद के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम आगे लाया गया है, तभी से ये सवाल सियासी गलियारों में तैर रहा है. कहा जा रहा है कि यही कारण था कि सीएम नीतीश प्रेस कॉन्फ्रेंस किए बिना ही वापस लौट आए. हालांकि, इन खबरों को लेकर जदयू की ओर से अब रुख साफ किया गया है और बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने किसी भी तरह की नाराजगी की खबरों का खंडन किया है.

संजय झा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, दिल्ली में हुई बैठक में हर मुद्दे पर बातचीत हुई है और नीतीश कुमार चाहते हैं कि जनवरी तक सीट शेयरिंग का काम पूरा हो जाए. पीएम उम्मीदवार के लिए मल्लिकार्जुन खरगे का नाम सामने आने से हमलोगों को कोई दिक्कत नहीं है. ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने नाम सामने लाया था. जो भी नाम तय होगा हमलोगों का समर्थन होगा.
संजय झा ने आगे कहा कि हालांकि, इस मामले में कांग्रेस का क्या स्टैंड होगा यह देखना है, क्योंकि कांग्रेस ने इस बात को खारिज किया है. बैठक में नीतीश कुमार की कोई नाराजगी की कोई बात नहीं है. बिहार में भी सीट शेयरिंग जनवरी तक तय हो जाएगी, जल्द ही इस पर बातचीत भी शुरू होगी.

बता दें कि नीतीश कुमार की नाराजगी की खबरों के बी कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से फोन पर बात की. ये बातचीत ऐसे समय में हुई है जब इंडिया गठबंधन में शामिल नीतीश कुमार की नाराजगी को लेकर दावे किए जा रहे थे. सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी और नीतीश कुमार के बीच इंडिया गठबंधन की बैठक में हुए फैसलों को अमल में लाने पर बात हुई.
सूत्रों ने आगे कहा कि इंडिया गठबंधन में नीतीश कुमार की अहम भूमिका होगी. सीट शेयरिंग और साझा कार्यक्रम पर जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे. दरअसल, नई दिल्ली के अशोका होटल में विपक्षी गठबंधन इंडिया की चौथी मीटिंग में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चीफ ममता बनर्जी ने पीएम फेस के तौर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम का प्रस्ताव रखा था.