पटना. लैंड फॉर जॉब मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को 29 जनवरी और उनके बेटे एवं बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को 30 जनवरी को अपने पटना दफ्तर में पेश होने के लिए कहा है. वहीं, रेलवे में नौकरी के बदले जमीन मामले में ही नई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में लालू यादव की पत्नी एवं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पुत्री मीसा भारती के खिलाफ दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के मामले में आज फैसला सुनाया जा सकता है. बता दें कि कोर्ट ने इस मामले में गुरुवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. ईडी ने नौकरी के बदले जमीन मामले को मनी लांड्रिंग से भी जोड़ा है.

बता दें आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव से कथित तौर पर जुड़े अमित कात्याल को जांच एजेंसी ने नौकरी के बदले जमीन घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हिरासत में लिया था. दरअसल, लैंड फॉर जॉब का यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है. लगभग 15 साल पुराने इस मामले के समय लालू प्रसाद केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे. आरोप है कि लालू प्रसाद ने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनकी जमीन लिखवा ली थी. बता दें कि रेलवे में जमीन के बदले नौकरी मामले में ईडी लगातार कार्रवाई कर रही है.

बता दें कि इसी मामले में शुक्रवार को ईडी के अधिकारियों ने पटना में राबड़ी देवी के आवास पर जाकर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को क्रमश: 29 और 30 जनवरी को पटना स्थित दफ्तर में पेश होने संबंधी नोटिस की प्रति दी थी. दोनों को ईडी की यह दूसरी नोटिस है. इसके पहले इडी ने लालू को 22 को और तेजस्वी को 27 दिसंबर को दिल्ली कार्यालय में पेश होने को कहा गया था, लेकिन वे दोनों नहीं पेश हुए थे. अब इन दोनों को पटना के बैंक रोड स्थित ईडी कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है.