राज्य के सभी माध्यमिक विद्यालयों में नए सत्र से स्मार्ट कक्षाएं चलेंगी। वर्तमान में 9460 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें से 2673 माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं संचालित की जाती हैं। राज्य में 6787 माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं को निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।इसे लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक द्वारा सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश भी दिया है कि जिन विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं का निर्माण पूरा हो गया है, उन विद्यालयों के संबंध में मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट करें।
2739 मिडिल स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्कीम में विलंब
केंद्र सरकार ने पहले चरण में प्रदेश के 2739 मिडिल स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्कीम की मंजूरी दी है। इसके लिए 2 लाख 40 हजार रुपये प्रति मिडिल स्कूल के हिसाब से 657.60 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे रखी है, लेकिन यह राशि अब तक प्रदेश को नहीं मिली है। इसके चलते इस स्कीम के क्रियान्वयन में देरी हो रही है। इसी तरह केंद्र ने पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं अंकज्ञान से जुड़ी योजना का क्रियान्वयन हेतु 330 करोड़ की स्वीकृति दी है, लेकिन यह राशि भी आवंटित नहीं हुई है।

मध्याह्न भोजन योजना में भी केंद्र सरकार से 1434.08 करोड़ स्वीकृति मिली है, लेकिन इसके विरुद्ध अब तक 878.97 करोड़ रुपये ही मिला है। इस प्रकार मध्याह्न भोजन योजना में भी 555.11 करोड़ रुपये का आवंटन बाकी है, जबकि राज्य सरकार अपनी योजना मद से 519 करोड़ 41 लाख रुपये खर्च कर चुकी है।