दरभंगा: बिहार के दरभंगा लोकसभा में बीते 13 मई यानि चौथे चरण के दौरान मतदान संपन्न हुआ. लेकिन, दरभंगा में चुनाव के दिन एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली थी. दरअसल दरभंगा के कुछ इलाकों में कई लोगों का नाम वोटर लिस्ट से गायब था. लोग ढूंढते रह गए थे लेकिन हजारों लोगों का नाम वोटर लिस्ट गायब था. दरअसल दरभंगा जिस तरह से जिंदा और उपस्थित स्थानीय वोटरों को मृत या गायब मान कर नाम डिलीट किया गया, उससे चुनाव की तैयारी पर सवाल उठने लगे हैं. वहीं अब इसके पीछे की वजह भी सामने आई है.

जिला के निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम राजीव रौशन ने बताया कि कुछ ऐसी सूचना और शिकायतें आई थीं कि वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है. साथ ही ऐसी भी शिकायत मिला थी कि उनका नाम 83 में न होकर 88 में है तो क्या वह मतदान दे सकते हैं तो उनको बताया गया कि यदि आपका नाम 88 विधानसभा में है तो आप वहां दे सकते हैं. वहीं बहुत ऐसे वोटर भी थे, जिनका नाम पहले था, अब नहीं है उसके कुछ कारण होते हैं कि अगर आप एब्सेंट हैं या शिफ्टेड हैं या मृत्यु हो गया तो इस कारण BLO के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया तहत मतदाता सूची का संशोधन किया जाता है.

DM और मंत्री ने कही यह बात
डीएम ने बताया कि इसके बाद लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन होता है. उसकी प्रति सभी राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाती है. फिर भी यदि किन्ही का नाम छूट जाता है तो ऐसे में लिखित शिकायत मिलने पर इसको ठीक करा लिया जाएगा. वहीं इस मामले में बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जो वोटर जिंदा हैं उन्हें भी मृत घोषित कर दिया गया, जिनके पास वोटर आईडी है लिस्ट से नाम हटा दिया गया है. ऐसे वोटरों को वोट दिलवाना चाहिए. इस तरह की समस्या का कोई विकल्प होना चाहिए था. चुनाव आयोग एक तरफ मतदाता जागरूकता चलाती है दूसरी तरफ वोटरों का नाम काटा जा रहा है यह सही नहीं है.
जानें क्या है पूरा मामला

