मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर निवासी महेश प्रसाद सिन्हा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जिसमें उन्होंने भारतीय मोबाइल कंपनियों द्वारा मनमाने ढंग से टेरिफ बढ़ाने को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अधिकांश भारतीय मोबाइल कंपनियों ने अपनी टेरिफ राशि आगामी 3 जुलाई से बढ़ाने की घोषणा की है, ऐसी सूचना मीडिया से आई थी।

आपके डिजिटल इंडिया की घोषणा के बाद मोबाइल 240 करोड़ जनता के लिए अनिवार्य सुविधा बन गई है। यह सुविधा जन साधारण को कम से कम लागत पर उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है। बार-बार टैरिफ के बढ़ने और जीएसटी शुल्क लगने से सुविधा महंगी हो रही है। इसे गरीब जनता की मजबूरी का फायदा उठाना माना जा रहा है।

स्थिति यह है कि निजी भारतीय कंपनियां अपनी फिजूलखर्ची को भी भारतीय जनता से वसूलती हैं। फिजूलखर्ची की वसूली की परंपरा सरकार ने खुद ही चलायी है। एक तरफ तो गरीबों को मुफ्त भोजन और चिकित्सा के दावे किए जाते हैं और दूसरी तरफ निजी क्षेत्र पर आपकी सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। भाजपा सरकार सत्ता में आते ही निजी क्षेत्र बेलगाम हो गए हैं और मनमाने ढंग से मूल्य बढ़ा रहे हैं।











