बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बजट में बिहार के लिए की गई घोषणाओं को पुरानी बताया। उन्होंने कहा कि पुरानी घोषणाओं की रीपैकेजिंग कर इसे विशेष पैकेज औऱ विशेष सौगात का नाम दे दिया गया है। इस तरह बिहार वासियों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। तेजस्वी ने दावा किया कि पटना-पूर्णिया एवं बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे, पुल, महाबोधि कॉरिडोर समेत कई प्रोजेक्ट्स उनके कार्यकाल (महागठबंधन सरकार) के दौरान ही मंजूर हो गए थे। बजट 2024 में इन्हीं का फिर से जिक्र कर दिया गया।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए 1.65 लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की थी। मगर 9 साल बाद भी बिहार को कुछ नहीं मिला। यह बात वह नहीं बल्कि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कई बार स्वीकार कर चुके हैं। तेजस्वी ने कहा कि जैसे वो घोषणा थी वैसे ही अभी की घोषणा है। उन्होंने बीजेपी को जुमला पार्टी करार दिया और कहा कि यह पुरानी योजनाओं को नया बताने की अपनी विशेष विशेषज्ञता का विशिष्ट प्रदर्शन कर जनता को फिर एक बार भ्रमित कर रही है। 2014 में पीएम मोदी ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया था, उसका क्या हुआ?

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्रीय बजट को बिहार के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि बिहार को प्रगति पथ पर ले जाने के लिए एक रिवाइवल प्लान की जरूरत थी। इसके लिए विशेष राज्य के दर्जे के साथ विशेष पैकेज की सख्त जरूरत है। रूटीन आवंटन और पूर्व में स्वीकृत योजनाओं को नई सौगात बताकर बिहार का अपमान किया गया है।





