मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वर्तमान में प्रशिक्षण की जो व्यवस्था है। उसके तहत चयनित लोगों को चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान व जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से कुछ अन्य जगहों पर प्रशिक्षण दिलाया जाता है।

अब प्रशिक्षण की स्थायी व्यवस्था पर चल रहा काम
उद्योग विभाग अब प्रशिक्षण की स्थायी व्यवस्था काे लेकर काम कर रहा। व्यवस्था यह हो रही कि अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राध्यापक को जोड़कर अनुमंडल स्तर पर उद्यमिता संस्थान शुरू किया जाएगा।

उद्यमिता संस्थान में ही मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लाभुकों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उद्यमिता संस्थान द्वारा यह व्यवस्था की जाएगी कि किस उद्यम के लिए किस तरह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित संस्थान द्वारा विशेषज्ञ की भी व्यवस्था की जाएगी। यह संस्थान उद्योग विभाग के अधीन काम करेगा।

उद्यमिता संस्थान से उद्यमियों को नियमित परामर्श मिलेगा
उद्योग विभाग यह व्यवस्था कर रहा कि अनुमंडल स्तर पर स्थापित होने वाले उद्यमिता संस्थान से संबंधित इलाके के उद्यमियाें को नियमित रूप से परामर्श मिलता रहे। इस संस्थान के माध्यम से उद्यमी को तकनीकी परामर्श मुख्य रूप से मिलेगा। उत्पादन के साथ-साथ उत्पादों के विपणन का परामर्श दिया जाएगा।

अलग-अलग श्रेणी बनाकर उद्यमियों को प्रशिक्षण
यह व्यवस्था की जा रही कि मु्ख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लोगों का प्रशिक्षण अलग-अलग श्रेणी बनाकर दिया जाएगा। मसलन एक अनुमंडल में एक ही तरह के उद्यम में कितने उद्यमी चयनित किए गए हैं उनका प्रशिक्षण अलग से होगा। नए उद्यम में कितने आए हैं, उसकी अलग श्रेणी होगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए इस साल 9247 आवेदकों का चयन किया गया है। बिहार के 1 परिवार से 1 व्यक्ति को ही इस योजना का लाभ मिलने वाला है।

