बिहार में गंगा नदी रौद्र रूप अख्तियार कर चुकी है. इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को उफनती गंगा नदी का हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने पटना से हेलीकॉप्टर द्वारा गंगा के किनारे वाले क्षेत्रों का निरिक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उनके साथ विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे. जल संसाधन विभाग बिहार के अनुसार शुक्रवार सुबह 8 बजे गंगा नदी का जलस्तर पटना में सभी प्रमुख जगहों पर खतरे के निशान से एक मीटर या उससे भी अधिक को पार हो चुका है.

पटना के दीघाघाट में गंगा का जलस्तर 51.52 मीटर रिकॉर्ड किया गया जबकि खतरे का लेवल 50.45 मीटर है. वहीं गांधीघाट में खतरे का लेवल 48.50 मीटर है लेकिन यहां नदी का जलस्तर 50.14 मीटर पहुंच गया है. वहीं पटना के पूर्वी छोर हथिदह में गंगा नदी के खतरे का जलस्तर 41.76 मीटर है जबकि नदी का लेवल 43.07 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो खतरे के स्तर से करीब 1.31 मीटर ज्यादा है.

बक्सर हो या पटना या फिर बेगुसराय और मुंगेर के इलाके तमाम जगहों पर गंगा पूरी तरह उफनाई हुई है. गंगा के किनारे के बसे सभी शहर, कस्बे और गांवों के किनारे तक पानी लबालब हो चुका है. वहीं कई जगहों पर पानी रिहायशी इलाकों और गांवों कि गलियों में प्रवेश कर जाने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है. यहां तक कि कुछ जगहों पर बाढ़ का पानी हाईवे पर चढने या नजदीक आने से आवाजाही पर खतरा मंडराने लगा है. गंगा के किनारे वाले सभी जिलों में नदी के उफान से दियारा क्षेत्र में बाढ़ आ गई है, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित जगह पर शरण लेनी पड़ी है. वहीं स्कूलों को पहले ही बंद किया जा चुका है.
गंगा के रौद्र रूप लेने से दियारा और गंगा के निचले इलाके में कई गांव-गली पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं. स्थिति है कि लोगों को अपने सामान और पशुओं के साथ सुरक्षित स्थान पर आसरा लेने को मजबूर हो रहा है. पिछले 48 घंटों के दौरान गंगा ने विकराल रूप धारण कर लिया है और तेजी से नए इलाकों को डुबाने लगी है. विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक गंगा के जलस्तर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.