इस बार दीपावली 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा. ऐसे में इस दिन माता काली की पूजा की जाती है.

सदियों पुरानी परंपरा और रीति-रिवाज के मुताबिक, माता काली की विशेष पूजा से लोगों के घर में धन-संपत्ति सहित अन्य वैभव की प्राप्ति होती है और लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है.


दीपावली का त्यौहार गुरुवार के दिन पड़ रहा है. इसी रात को माता काली की विशेष पूजा की जाएगी. इसमें दिवाली और काली पूजा दोनों के लिए अलग-अलग शुभ मुहूर्त होता है.


दिवाली व लक्ष्मी पूजन, उल्का भ्रमण जानें शुभ समय
इस बार दिवाली का दिन गुरुवार 31 अक्टूबर को कृष्ण पक्ष अमावस्या को मनाया जाएगा. वहीं इस दिवाली के लिए शुभ मुहूर्त दिन के 3:23 मिनट से अमावस्या का प्रवेश होने से लक्ष्मी पूजा व दिवाली का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा.


इस दौरान अमावस्या का प्रवेश 3:23 मिनट बजे से शुरू हो जाने के कारण लक्ष्मी पूजा दिन के 3:23 मिनट बजे से लेकर रात के 11:15 बजे तक किया जाएगा.



इस शुभ मुहूर्त के दौरान लोग लक्ष्मी, कुबेर पूजन, उल्का भ्रमण दिवाली सहित अन्य विशेष पूजा कर सकेंगे.


हालांकि पंडित जी कहते हैं कि इस दिन अपने मुख्य द्वार से पूजा घर तक मां लक्ष्मी के चरण पादुका का चिन्ह जरूर बनाए, जिससे मां लक्ष्मी की कृपा सदा बरसती रहेगी.