मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को पटना के अधिवेशन भवन में 1 लाख 14 हजार 138 शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया. उन्होंने कहा कि अपने स्थानांतरण को लेकर शिक्षक परेशान हैं. इसलिए हमने निर्णय लिया है कि नियोजित शिक्षक जिस जगह पर काम कर रहे हैं वहीं काम करते रहेंगे. सीएम नीतीश ने 1 लाख 14 हजार 138 शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह ऐलान किया. उन्होंने नियोजित शिक्षकों को बड़ी सौगात देते हुए कहा कि नियोजित शिक्षक जिस जगह पर काम कर रहे हैं वहीं काम करते रहेंगे.

इस दौरान सीएम नीतीश ने वर्ष 1990 से 2005 के लालू-राबड़ी राज पर कटाक्ष किया. उन्होंने राजद को निशाने पर लेते हुए कहा कि वर्ष 2005 के पहले बिहार में शिक्षा की क्या स्थिति थी. 2005 के पहले स्कूलों की कमी थी. अपने मुख्यमंत्री बनने के बाद आए बदलावों की याद दिलाते हुए कहा कि हमने 2006-07 में पोशाक योजना शुरू की. 2008 में छात्राओं के लिए साइकिल योजना की शुरुआत हुई. बड़ा में इसे लडकों के लिए भी शुरू किया गया. लालू यादव और राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री काल की याद दिलाते हुए सीएम नीतीश ने अपने अंदाज में कटाक्ष किया.

उन्होंने कहा, याद रखिए. पुरनका चिजबा को याद रखिए. अब सबका घरबा कितना बड़ा बन गया है. पटना में कोय शाम में निकलता था. उन्होंने बिना नाम लिए ही 2005 के पहले राज्य में बिगड़ी कानून-व्यवस्था की ओर इशारा किया. साथ ही राज्य में बालिका शिक्षा एवं रोजगार की दिशा में एनडीए सरकार में हुए कार्यों की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए कितना कुछ किया है. पहले से अब कितना बदल गया है.

वहीं शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर सबसे बड़ा ऐलान करते हुए सीएम नीतीश ने उन्हें बड़ी राहत दी. एक दिन पहले ही पटना हाई कोर्ट ने शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ा आदेश सुनाया था. कोर्ट ने शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को स्थगित करने का आदेश सुनाया था.

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में शिक्षकों के स्थानांतरण व पदस्थापना पर तत्काल रोक लगाते हुए राज्य सरकार को तीन सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था. अब सीएम नीतीश ने कहा कि नियोजित शिक्षक जिस जगह पर काम कर रहे हैं वहीं काम करते रहेंगे.
