पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1 लाख 14 हजार 138 विशिष्ट शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया है. पटना के अधिवेशन भवन में कार्यक्रम आयोजित हुआ है. इस कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के अलावे शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद थे.

क्या बोले सीएम नीतीश?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि 2005 की नवंबर में हम लोग सरकार में आए थे तो शिक्षा स्वास्थ्य के दिशा में काम किया. इसके अलावे कहीं कोई रास्ता नहीं बना था, उस पर भी काम करना शुरू किया. लोग रात में घर से बाहर नहीं निकलते थे, इस पर काम शुरू किया. हम लोगों ने शिक्षा के लिए काम शुरू किया.

114138 विशिष्ट शिक्षकों को मिलें नियुक्ति पत्र
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि 200 शिक्षकों को मुख्यमंत्री ने अधिवेशन भवन में नियुक्ति पत्र देिया है. शेष सभी विशिष्ट शिक्षकों को उनके जिले में ही संबंधित अधिकारी नियुक्ति पत्र दे रहे हैं. नियोजित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद विशिष्ट शिक्षक बन जाएंगे और उन्हें राज्य कर्मी का दर्जा प्राप्त होगा. 1 लाख 14 हजार 138 विशिष्ट शिक्षकों में 98349 प्रारंभिक शिक्षक, 12524 माध्यमिक शिक्षक और 3265 उच्च माध्यमिक शिक्षक हैं, जिनको आज सीएम नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र सौपेंगे.

शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक
वहीं, नीतीश सरकार ने शिक्षकों के तबादले की नीति पर फिलहाल रोक लगा दी है. पांच चरणों के सक्षमता परीक्षा के बाद तबादला किया जाएगा. शिक्षा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 19 नवंबर को इसकी घोषणा की थी. पटना उच्च न्यायालय ने सरकार से इसको लेकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था. जिसके बाद सरकार ने तत्काल इस पर रोक लगा दी है.

187000 शिक्षकों के डॉक्यूमेंट की जांच
बिहार में प्रारंभिक से उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में लगभग 385000 नियोजित शिक्षक हैं, उसमें से 187000 के करीब शिक्षक सक्षमता परीक्षा पास कर चुके हैं. 187000 में से जिनका डॉक्यूमेंट जांच हो चुका है, उन्हीं में से 114000 शिक्षकों को आज नियुक्ति पत्र दिया जाएगा. शेष शिक्षकों की को नियुक्ति पत्र उनके डॉक्यूमेंट के जांच के बाद दिया जाएगा. सरकार सक्षमता परीक्षा पास कर चुके शिक्षकों के तबादला पर काम कर रही थी. शिक्षकों से ऑन लाइन फॉर्म भराया जा रहा था लेकिन कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी और उसके बाद सरकार ने भी स्थगित करने का फैसला लिया.
