पटना: भारत के कई हिस्से में हो रही बर्फबारी का असर अब पूरे बिहार में भी दिखने लगा है. पिछले कुछ दिनों से भीषण ठंड पड़ रही है. वहीं भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 15 जनवरी तक शीत लहर की स्थिति बनी रहने का अनुमान जताया है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है. वहीं स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

पटना में गिरा पारा
मौसम विभाग के अनुसार पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है. पटना में बुधवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं अधिकतम तापमान में तेज गिरावट से पटना में भीषण ठंड पड़ रही है.


कब तक मिलेगी ठंड से राहत
फिलहाल बिहार में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिससे बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं. इन हवाओं की वजह से न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आई है. हालांकि ये स्थिति ठंड को और बढ़ा सकती हैं. आने वाले 15 जनवरी तक लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलने के आसार हैं. वहीं अक्टूबर से जनवरी तक सर्दियों की बारिश की कमी ने पहले ही फसलों की उत्पादकता को प्रभावित कर दिया है.
इस साल देर से आई ठंड
बता दें कि बिहार में छठ पूजा के दौरान आमतौर पर हल्की ठंड का मौसम शुरू हो जाता है, लेकिन इस साल सर्दी सामान्य से देर से आई है. देरी का कारण पश्चिमी विक्षोभों के बीच बड़े अंतराल को माना जा रहा है. ये विक्षोभ जो क्षेत्रीय मौसम पैटर्न को प्रभावित करते हैं, दिसंबर की शुरुआत में और फिर 26 दिसंबर को सक्रिय थे. इसके अलावा बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आने वाली पूर्वी हवाओं ने मौसम की शुरुआत में तापमान में गिरावट नहीं होने दी.


फसलों पर ठंड का प्रभाव
देरी से और कम हुई ठंड का फसलों पर काफी प्रभाव देखने को मिल रहा है. खासकर गेहूं, सरसों और दलहन जैसी फसलों पर इसने खूब असर डाला है. विशेषज्ञों का कहना है कि इन फसलों के लिए महत्वपूर्ण औसत से कम सर्दियों की बारिश ने स्थिति को और खराब कर दिया है. बिहार में अक्टूबर से दिसंबर 2024 तक सामान्य स्तरों की तुलना में बारिश में 71 परसेंट की कमी दर्ज की गई है.
