शकील अहमद खां के बेटे की मौत को लेकर तेजस्वी यादव ने जताया दुख, कहा- शोक संतप्त परिवार से मिलेंगे

बिहार के राजनीति के लिए आज का दिन हैरान कर देने वाला था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक शकील अहमद खां के बेटे ने खुदकुशी कर ली। शकील अहमद खां के बेटे के आत्महत्या के बाद नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी कड़ी में तेजस्वी यादव ने शकील अहमद खां के बेटे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि”हमें यह दुखद सूचना मिली है। जब हम पटना पहुंचेंगे, तो शोक संतप्त परिवार से मिलने जाएंगे”।

पीड़ित परिवार से मिलेंगे तेजस्वी 

दरअसल, तेजस्वी आज मधुबनी के बेनीपट्टी जा रहे हैं, जहां एक बेहद दर्दनाक घटना घटी है। तेजस्वी यादव पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने कहा कि, पुलिस के डीएसपी और अन्य पुलिसकर्मियों ने एक अल्पसंख्यक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई की, वह भी बिना किसी वजह के। इसी कारण हम पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं। बेनीपट्टी में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई गंभीर वारदातें हो चुकी हैं।

कुछ महीने पहले राहुल कुमार झा को थाने के अधिकारियों ने पीटा था। वहीं ऑटो चालक मुन्ना झा की हत्या कर दी गई थी। लेकिन अब तक नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इसी तरह, जगत गांव में 29 वर्षीय कंपाउंडर सुनील झा की हत्या हुई, लेकिन पुलिस महीनों बाद भी अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रही। ढाका गांव में पुलिस ने महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार किया था, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

नीतीश सरकार पूरी तरह विफल

उन्होंने आगे कहा कि, अब एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस ने मौलाना जी की जबरन पिटाई की। यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। बिहार में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। हम पुलिस अधिकारियों को यह याद दिलाना चाहते हैं कि वे संविधान की शपथ लेकर काम करते हैं, न कि किसी विशेष विचारधारा या संगठन की मानसिकता के तहत। वे जनता के सेवक हैं और जनता के पैसों से उनका वेतन चलता है, लेकिन इसके बावजूद वे निर्दोष लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं।

चरम पर भ्रष्टाचार 

तेजस्वी ने कहा कि, थानों और ब्लॉकों में भ्रष्टाचार चरम पर है। पुलिस की इस मानसिकता की कड़ी निंदा होनी चाहिए। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि अगर कोई भी मुस्लिम भाइयों को निशाना बनाएगा, तो हम उसके खिलाफ हर संभव तरीके से लड़ाई लड़ेंगे। कल की घटना इसका उदाहरण है। जब तक पीड़ित को न्याय नहीं मिलेगा और दोषी डीएसपी को सजा नहीं दी जाएगी, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। हमारा दल मानवाधिकार संगठनों के माध्यम से भी शिकायत करेगा।

नेताओं के नियंत्रण में पुलिस व्यवस्था

उन्होंने कहा कि, दरभंगा और मधुबनी में जेडीयू-बीजेपी के 20 सीटें हैं, और ऐसा प्रतीत होता है कि एनडीए के नेताओं और प्रशासन ने पुलिस व्यवस्था को अपने नियंत्रण में ले लिया है। अगर इसी तरह की मानसिकता पुलिस में फैलाई जाएगी, तो इसकी केवल निंदा करना पर्याप्त नहीं होगा। सत्ता में रहें या विपक्ष में, अगर किसी के साथ अन्याय होगा, तो तेजस्वी यादव हमेशा उसके लिए लड़ेंगे। बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि रोज़ाना 500 राउंड गोलियां चलती हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

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