नोटिस को रद्दी में फेंकते हैं…पप्पू यादव का नया विवादित बयान, महिला आयोग के नोटिस को बताया रद्दी

पूर्णिया : पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने महिला आयोग की नोटिस पर ऐसा बयान दे दिया, जिसने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। अपने हालिया विवादित बयान पर सफाई देने के बजाय सांसद ने साफ कहा कि वे अपने शब्दों पर कायम हैं और आयोग की कार्रवाई को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।कटिहार में एक निजी कार्यक्रम के दौरान पप्पू यादव ने ये बयान दिया।

दरअसल, हाल ही में महिलाओं की राजनीति में भागीदारी को लेकर दिए गए बयान पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया था। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा-ऐसे नोटिस को रद्दी में फेंक देते हैं… कौन कैसे आयोग में जाता है, यह भी हमें पता है। उनके इस बयान ने मामले को और ज्यादा तूल दे दिया है।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सांसद ने न सिर्फ अपने पुराने बयान का बचाव किया, बल्कि महिला आयोग की भूमिका और प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए। उनका यह रुख साफ तौर पर टकराव की स्थिति पैदा करता दिख रहा है, जहां एक तरफ आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर जनप्रतिनिधि का खुला विरोध।

राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बता रहे हैं, वहीं समर्थक इसे “बेधड़क बोलने की शैली” करार दे रहे हैं। लेकिन यह भी तय माना जा रहा है कि यह विवाद यहीं थमने वाला नहीं है।

एक दिन पहले महिलाओं की राजनीति में भागीदारी को लेकर दिए गए बयान ने पहले ही बहस छेड़ दी थी। अब महिला आयोग की नोटिस पर इस तरह की प्रतिक्रिया ने आग में घी डालने का काम किया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या जनप्रतिनिधियों की भाषा और जिम्मेदारी पर कोई सीमा तय होगी, या फिर ऐसे बयान सियासी बहस को लगातार भड़काते रहेंगे?

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading