बुद्ध पूर्णिमा पर गया और नालंदा दौरे पर सम्राट चौधरी, विष्णु पद मंदिर में की पूजा

गया: बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार गयाजी पहुंचे हैं. जहां उन्होंने विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना की. इसके बाद सीएम ने फल्गु नदी और गयाजी रबर डैम को देखा. विष्णु पद कॉरिडोर के अब तक के कागजी कार्यों की अधिकारियों से जानकारी ली. इससे पहले मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से गयाजी के गांधी मैदान पहुंचे थे. जहां से उनका काफिला काशी नाथ मोड़ समाहरणालय होते हुए विष्णु पद मंदिर पहुंचा था.

राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ है आयोजन

बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शंकरचार्य मठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी सह सांस्कृतिक संचेतना के तहत ‘भारतीय परंपरा में धार्मिक समन्वय’ के विषय पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ है. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में प्रो केटीएस सराओ शामिल हुए. इस कार्यक्रम में बिहार के स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार भी शामिल हैं.

पहली मठ में पहुंचे मुख्यमंत्री

ये पहला अवसर है, जब बिहार का कोई मुख्यमंत्री शंकराचार्य मठ में पहुंचा है. शंकरचार्य परंपराओं का ये मठ सालों से मुख्यमंत्री के इंतजार में था. भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता रंजीत सिंह ने कहा कि पहले मठ की स्थिति ठीक नहीं थी. पिछले चार पांच सालों में मठ ने फिर से अपनी पुरानी पहचान को स्थापित करने में सफल हुआ है, अब मुख्यमंत्री के आने के बाद इस मठ का इतिहास फिर से ताजा होगा और इसके विकास के कार्य तेज गति से आगे बढ़ेंगे.

सीएम के आगमन पर कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था

मुख्यमंत्री के आगमन पर गया जी शहर और बोधगया में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था है, जिले के सभी बड़े अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री के आगमन से कुछ देर पहले ही आम श्रद्धालुओं को रोका गया ताकि आम श्रद्धालुओं को दर्शन में समस्या नहीं हो.

नालंदा पहुंचे सीएम

इससे पहले मुख्यमंत्री ने नालंदा का दौरा किया. उन्होंने सरमेरा प्रखंड के प्रणावां गांव पहुंचकर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राज्य की खुशहाली की कामना की. मंदिर परिसर में पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया. सीएम ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाबा शरण महतो साहब की जन्मस्थली को 2018 में राजकीय मेले का दर्जा दिया था. अब भविष्य में मेला लगाने में जगह की कमी न हो, इसके लिए सरकार यहां भूमि अधिग्रहण करेगी. साथ ही मुख्य मार्ग से मंदिर तक सीधे पहुंचने के लिए एक विशेष सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा.

क्या बोले सीएम?

शिक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में सरकार ऐसे मॉडल स्कूल और कॉलेज बनाएगी, जिनकी गुणवत्ता इतनी शानदार होगी कि अधिकारी, नेता और विधायक भी अपने बच्चों के नामांकन के लिए वहां पैरवी करेंगे. सरकार का लक्ष्य है कि इसी उच्च गुणवत्ता वाले स्कूलों में इलाके के गरीब बच्चे भी पढ़ें.

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