नीतीशजी के मार्गदर्शन में ही काम करेंगे, सम्राट चौधरी को पूरा समर्थन; निशांत ने चंपारण से किया ऐलान

बिहार : नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने सोमवार को चंपारण की धरती से अपनी सद्भाव यात्रा की विधिवत शुरुआत की। बेतिया के बापू सभागार में निशांत कुमार ने पार्टी कार्यकर्ताओं और आमजनों को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने नीतीश कुमार की विकास यात्रा की तस्वीर दिखाई और कहा कि बिहार में उनके मार्गदर्शन में सरकार काम करेगी। जदयू सीएम सम्राट चौधरी को पूरा समर्थन देगी।

भाषण की शुरुआत में चंपारण की धरती को प्रणाम करते हुए निशांत कुमार ने कहा कि इस धरती को महात्मा गांधी ने अपनी कर्मभूमि बनाया। 1917 में पहला सत्याग्रह यहीं किया और फिरंगी सरकार के दमन और शोषण से किसानों की रक्षा की। पिताजी ने भी अपनी यात्राओं की शुरुआत यहीं से की। इसीलिए मैंने भी अपने राजनैतिक जीवन की पहली यात्रा का आगाज यहीं से किया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने राज्य के विकास और जनता की सुख सुविधा के लिए काफी काम किए। नवम्बर 2005 में उनकी सरकार बनी तो बिहार बदहाल था। उन्होंने अपने मेहनत की बदौलत बिहार की सूरत बदल दी।

निशांत कुमार ने कहा कि पिताजी बिहार सीएम का पद छोड़कर राज्यसभा में चले गए। यह उनकी अपनी इच्छा थी। वे यहां भले नहीं हैं पर बहुत खुश हैं। वे बिहार सरकार का हमेशा मार्गदर्शन करते रहेगे और हम सभी उनके ही मार्गदर्शन में काम करेंगे। बिहार में अभी सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री हैं। उनसे उम्मीद है कि वे पिताजी ने जो काम किया है उसे वे आगे बढ़ाएंगे।

निशांत कुमार ने कहा कि जब पिताजी सीएम बने तो रात में घर से बाहर निकलना मुश्किल था। कारोबारी और अच्छे लोग बिहार छोड़कर पलायन कर रहे थे। पिताजी ने इसे देखते हुए कानून व्यवस्था सबसे पहले कानून व्यस्था को ठीक करने का काम अपने हाथ में लिया। नए नए थाने खुले। पुलिस बलों की बहाली हुई। पुलिस को काम करने की छूट दी गयी। इस तरह से बिहार में सुशासन स्थापित हो पाया।

निशांत कुमार ने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों और अस्पतालों पर जनता को भरोसा नहीं था। स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब परिवारों के बच्चों को विद्यालय जाने के लिए कपड़े नहीं थे। हमने ड्रेस और साइकिल देकर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाई। ऐसे ही अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स, दवा, पैथोलॉजी, एक्सरे जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं थी। मरीज प्राइवेट में इलाज कराने को मजबूर थे। पिताजी की सरकार ने स्कूलों से लेकर अस्पतालों को दुरूस्त किया। सारी सुविधाएं मिलने के कारण आज सरकारी अस्पतालों में इतनी भीड़ दिख रही है।

हमारी सरकार ने रोजगार, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, भरपेट भोजन जैसी आवश्यक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए काम किया। सरकारी नौकरी, व्यवसाय और महिलाओं को जीविका के माध्मय से रोजगार दिलाने की दिशा में काम हुआ। समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम हुआ। शराबबंदी जैसे बड़े और ऐतिहासिक फैसले लेने का काम पिताजी ने कियाा। उन्होंने कहा कि पिताजी की तरह से ही क्राइम, करप्शन और कम्यूनलिज्म से कभी भी समझौता नहीं करेंगे।

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