भीषण अगलगी एक दर्जन घर जलकर राख, लाखों की संपत्ति का हुआ नुकसान

सुपौल:  जिले के पिपरा थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां अमहा पंचायत के भट्टावाड़ी गांव में सोमवार की देर रात अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में देखते ही देखते करीब एक दर्जन (12) आशियाने पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की विभीषिका इतनी भयानक थी कि घरों में रखा अनाज, कपड़ा, नकदी और अन्य घरेलू सामान पल भर में राख के ढेर में तब्दील हो गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में कोहराम और चीख-पुकार मची हुई है।

आग की गगनचुंबी लपटें देख सहम गए ग्रामीण

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सोमवार देर रात अचानक एक घर से आग की लपटें उठनी शुरू हुईं। पछुआ हवा और गर्मी के कारण आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज और गगनचुंबी थीं कि चाहकर भी लोग शुरुआत में उसके नजदीक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। पूरा इलाका धुएं के गुबार और आग की तपिश से दहल उठा।

ग्रामीणों के प्रयास के बाद दमकल टीम ने पाया काबू

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर चापाकल और बाल्टियों के सहारे आग बुझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आग पर काबू पाना नामुमकिन साबित हो रहा था। इसके बाद मामले की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) को दी गई। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से काफी मशक्कत और लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पाया। लेकिन जब तक आग बुझती, तब तक एक दर्जन से अधिक परिवार बेघर हो चुके थे।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, पीड़ित परिवारों का सब कुछ बर्बाद

यह भीषण आग कैसे लगी, इसकी आधिकारिक और सटीक जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, घटना को लेकर ग्रामीण और स्थानीय लोगों का प्राथमिक अनुमान है कि बिजली के शॉर्ट सर्किट होने की वजह से ही यह भयावह चिंगारी भड़की थी। इस अगलगी ने पीड़ित परिवारों के सामने अब सिर छुपाने और दो वक्त की रोटी का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है, जिससे बेघर हुए परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मुआवजे के लिए अंचल और थाना में लिखित आवेदन देने की प्रक्रिया शुरू

तबाही के इस मंजर के बाद मंगलवार को पीड़ित परिवारों ने अपनी आपबीती सुनाई। प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि वे इस भारी नुकसान के आकलन और सरकारी सहायता (आपदा राहत राशि) की मांग को लेकर पिपरा अंचल कार्यालय (सीओ) और पिपरा थाना को एक संयुक्त लिखित आवेदन दे रहे हैं। पीड़ितों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अविलंब तिरपाल, सूखा राशन और उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाए ताकि वे अपने आशियाने को फिर से खड़ा कर सकें।

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