नालंदा: बिहार होमगार्ड क्लर्क परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने नालंदा की एक शिक्षिका को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार शिक्षिका की पहचान नालंदा जिले के बेन थाना क्षेत्र के देव बिगहा गांव निवासी चंद्रशेखर कुमार की पत्नी अनुष्का रानी उर्फ अंजू के रूप में हुई है.अंजू नवादा के नारदीगंज प्रखंड के मध्य विद्यालय दोहड़ा में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं. पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर शिक्षिका को गोविंदपुर स्थित बीआरसी से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.

दीक्षा पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र का मामला
नवादा नगर थानाध्यक्ष उमा शंकर सिंह ने बताया कि 12 जून को नवादा में गृह रक्षा वाहिनी की अधिनायक लिपिक परीक्षा का प्रश्नपत्र वायरल हुआ था. यह परीक्षा नवादा नगर थाना क्षेत्र स्थित दीक्षा पब्लिक स्कूल मालगोदाम छाय रोड, परीक्षा केंद्र संख्या 1412 में आयोजित की गई थी.
लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज
परीक्षा के दौरान प्रतिनियुक्त स्टैटिक दंडाधिकारी सह प्रेक्षक ईश्वर प्रसाद ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. मामले को गंभीरता से लेते हुए लिखित आवेदन पर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई. मामले में कांड संख्या 600/26 दर्ज किया गया है.

सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी
जांच के दौरान प्रश्नपत्र के परीक्षा केंद्र से वायरल होने की बात सामने आई. पुलिस ने परीक्षा केंद्र में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले. फुटेज की जांच के बाद पुलिस को मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर अंजू रानी के संबंध में जानकारी सामने आई.
परीक्षा केंद्र के भीतर क्या हुआ था?
प्रेक्षक द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक गणेश पासवान, शिक्षक अजय कुमार और वीक्षक अनुष्का रानी की मिलीभगत से केंद्र के भीतर एक अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश कराया गया था. इसके बाद अनुपस्थित रहे परीक्षार्थी की प्रश्न पुस्तिका से प्रश्नों की तस्वीरें खींची गईं.

मोबाइल फोन से तस्वीरें वायरल
तस्वीरें मोबाइल फोन से खींचकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल की गईं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर परीक्षा केंद्र से गोपनीय प्रश्नपत्र बाहर कैसे निकला और किस माध्यम से वायरल हुआ. इसके साथ अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी जांच जारी है.
आईटी एक्ट के तहत जांच जारी
मामले में बिहार परीक्षा अधिनियम और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है. पुलिस वायरल प्रश्नपत्र की सत्यता के साथ-साथ उसके प्रसार की पूरी कड़ी की भी जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे कोई नेटवर्क है.
