मुजफ्फरपुर : सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर ट्रैक दोहरीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूर्व मध्य रेल के उप मुख्य अभियंता निर्माण के भू-अर्जन के प्रस्ताव पर समाहर्ता, मुजफ्फरपुर ने इसका आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार परियोजना के लिए रेलवे विशेष अधिनियम के तहत धारा-20ए की प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित करने की तैयारी है। प्रस्ताव के मुताबिक, जिले से कुल चार मौजा में जमीन ली जाएगी।

इसमें बोचहां अंचल के झपहां मौजा, औराई अंचल के मौजा-घरहरवा उर्फ परी धरहरवा, मीनापुर अंचल के छपरा मोबारक मौजा और शाहपुर मुतालुके मौजा शामिल है। इन मौजा में रेलवे लाइन के दोनों तरफ भूमि अधिग्रहण होगा। इधर, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक अधिसूचना में भूमि का अद्यतन और सही वर्गीकरण दर्ज होना चाहिए, न कि पुराने खतियान के आधार पर हो।

डीएम ने गठित की समिति
भू-अर्जन निदेशालय के पत्र में दर निर्धारण की प्रक्रिया अंकित की गई है। इसके आलोक में डीएम ने अपर समाहर्ता (राजस्व) की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उचित प्रतिकर, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन समिति का गठन किया है। समिति में अपर समाहर्ता-सह-पुनर्वासन प्रशासक अध्यक्ष, जिला भू-अर्जन अधिकारी सदस्य सचिव, जिला अवर निबंधक मुजफ्फरपुर, डीडीसी-सह-मुख्य कार्यपालक अधिकारी जिला परिषद और भूमि सुधार उप समाहर्ता पूर्वी मुजफ्फरपुर को सदस्य बनाया है। समिति स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी। उसी आधार पर दर का निर्धारण कर जिला भू-अर्जन कार्यालय को प्रतिवेदन सौंपा जाएगा। प्रतिवेदन आने के बाद ही धारा 20ए के तहत गजट में अधिसूचना प्रकाशित होगी।

59 किमी लंबा है मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड
समस्तीपुर मंडल मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी ट्रैक दोहरीकरण की निविदा जारी कर चुका है। करीब 59 किमी लंबे रेलखंड पर 635.39 करोड़ रुपये की लागत से दूसरी लाइन बिछेगी। अभी सिंगल लाइन होने से ट्रेनों को क्रॉसिंग में घंटों लगते हैं। रेल ट्रैफिक प्रभावित होता है। दोहरीकरण से अप-डाउन परिचालन सुगम होगा और यात्रा समय 30-40 मिनट घटेगा। नेपाल व रक्सौल रूट की मालगाड़ियों का दबाव भी कम होगा।
