पटना में स्वाइन फ्लू की एंट्री, दो मरीज मिले संक्रमित, डॉक्टर ने बताया कैसे करें H1N1 से बचाव

पटना: राजधानी पटना में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के दो मामलों की पुष्टि हुई है. कंकड़बाग और अगमकुआं इलाके के रहने वाले दो मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. दोनों मरीजों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण सामने आने के बाद उनके सैंपल जांच के लिए पटना सिटी स्थित राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरएमआरआई) की लैब भेजे गए थे. जांच के बाद दोनों में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई.

पटना में स्वाइन फ्लू की दस्तक : आरएमआरआई प्रशासन के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के दौरान शहर के अलग-अलग अस्पतालों से स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले 25 से अधिक संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए पहुंचे. इनमें दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है. संक्रमित मरीजों की उम्र 47 और 52 वर्ष बताई गई है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शुरुआती स्तर पर लक्षणों को पहचानना और समय पर जांच कराना बीमारी को गंभीर होने से रोकने में अहम भूमिका निभाता है.

 

दिल्ली-यूपी में बढ़ते मामले, बिहार अलर्ट : आरएमआरआई के निदेशक डॉ. कृष्णा पांडे ने बताया कि ”दिल्ली और उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने की जानकारी के बीच संस्थान को भी अलर्ट किया गया है. अधिक से अधिक संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच करने और लोगों को बीमारी के लक्षणों व बचाव के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है.”

एक्सपर्ट की सलाह : पटना में दो मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग घबराएं नहीं, लेकिन सर्दी-बुखार और खांसी जैसे लक्षणों को हल्के में भी न लें. समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह से बीमारी का उपचार संभव है. संक्रमण के लक्षण महसूस होते हैं तो नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं.

 

लक्षण सामान्य वायरल फ्लू जैसे : विशेषज्ञों का कहना है कि, स्वाइन फ्लू में सामान्य तौर पर बुखार, सर्दी, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. ऐसे लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है. समय पर पहचान होने पर इसका उपचार संभव है और डॉक्टर की सलाह से एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है.

कैसे करें H1N1 से बचाव:

  • बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, बीमार इस संक्रमण से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं.
  • पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन और शरीर को पर्याप्त आराम देना जरूरी है.
  • अगर किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, खांसी या सांस से जुड़ी परेशानी हो तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
  • स्वाइन फ्लू से संक्रमित व्यक्ति को भीड़ में जाने से बचना चाहिए, ताकि संक्रमण दूसरे लोगों तक न पहुंचे.
  • फ्लू वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है, इसलिए हाथों की स्वच्छता और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं.

11 साल पहले, स्वाइन फ्लू 6 मरीजों की मौत : साल 2015, बिहार में स्वाइन फ्लू से करीब 350 से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे, जिनमें 6 मरीजों की मौत हो गई थी. वहीं 10 सितंबर 2021, पटना के फुलवारीशरीफ में एक 58 साल के बुजुर्ग की स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी.

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