बिहार में आरक्षण को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि समाज के हर वर्ग की चिंताओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग या ऊंची जाति से आने वाले लोगों की अपनी-अपनी चिंताएं हैं और इनका समाधान संवाद के जरिए ही निकाला जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि किसी एक वर्ग की समस्या का समाधान दूसरे वर्ग के संरक्षण को छीनकर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऊंची जाति के लोगों की आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग और उनके भविष्य को लेकर चिंता पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है।
‘हर वर्ग की चिंता दूर करना सरकार की जिम्मेदारी’
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि समाज में अलग-अलग वर्ग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि हर वर्ग से संवाद करे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के संरक्षण के साथ-साथ ऊंची जाति के लोगों की चिंताओं को भी दूर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा इस बात को कहा है कि संवाद से ही समाधान निकलेगा। जो लोग अपनी चिंताओं को लेकर परेशान हैं, उनसे संवाद होना चाहिए।

संवाद से रास्ता जरूर निकलेगा। चिराग ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की सोच रखती है। उन्होंने कहा कि वह न तो अनुसूचित जाति-जनजाति के साथ अन्याय होने देंगे, न पिछड़ा वर्ग और न ही ऊंची जाति के साथ। चिराग कहा कि जब वह अपने वर्ग की चिंताओं को लेकर आवाज उठा सकते हैं, तो दूसरे वर्गों के जनप्रतिनिधियों और नेताओं को भी अपनी-अपनी बिरादरी की चिंताओं को सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊंची जाति के लोगों की आवाज भी वह और उनकी पार्टी उतनी ही मजबूती से उठाएगी।
