पटना: पटना समेत दानापुर, खगौल और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्र में रोजाना लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने ऑटो और ई-रिक्शा परिचालन की नई व्यवस्था को हरी झंडी दे दी है। अब शहर की सड़कों पर ऑटो का परिचालन कलर कोड और जोन आधारित परमिट व्यवस्था के तहत होगा। इस नए इंतजाम से जहां बेतरतीब परिचालन पर लगाम कसने की तैयारी है, वहीं ऑटो चालकों को भी अपनी पसंद का जोन और रूट चुनने की सहूलियत मिलेगी।प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ट्रैफिक एसपी, डीटीओ और नगर निगम के अधिकारियों ने पूरी व्यवस्था की रूपरेखा तय की। अधिकारियों का मानना है कि जोन-वार परमिट व्यवस्था लागू होने से शहर में वाहनों का दबाव नियंत्रित होगा और जाम की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।

नई व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी एक विशेष मोबाइल ऐप होगा। ऑटो चालक इसी ऐप के जरिए अपनी पसंद के एक जोन और उसके अंदर अधिकतम तीन रूटों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अगर किसी रूट पर तय सीमा से ज्यादा आवेदन आते हैं तो अतिरिक्त चालकों को दूसरे उपलब्ध रूट पर शिफ्ट किया जाएगा।शहर के 26 प्रमुख मार्गों की क्षमता तय कर दी गई है। इन मार्गों पर करीब 24 हजार ऑटो को नियमित परमिट देने की योजना है। इसके अलावा लगभग 4 हजार ऑटो को फ्री परमिट दिया जाएगा। ये वाहन किसी भी रूट पर जा सकेंगे, लेकिन इनका इस्तेमाल सिर्फ मरीजों और आपात स्थिति में किया जा सकेगा। सामान्य यात्रियों को बैठाकर इन वाहनों के परिचालन पर सख्त कार्रवाई होगी।

प्रशासन ने बिना रजिस्ट्रेशन सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो के खिलाफ भी शिकंजा कसने का फैसला किया है। साथ ही नाबालिगों द्वारा ऑटो या ई-रिक्शा चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने वालों पर कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर वाहन जब्त भी किए जा सकते हैं।चौराहों पर ट्रैफिक जवानों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है। खास बात यह है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था पर पूरी निगरानी बनी रहे।


ऑटो चालकों की मनमानी और सड़क पर अचानक वाहन रोककर सवारी बैठाने की समस्या पर लगाम लगाने के लिए स्टॉपेज तय किए जाएंगे। सभी सिटी बसों और ऑटो को निर्धारित स्टॉपेज पर ही रुकना अनिवार्य होगा। प्रशासन का मकसद साफ है सड़क पर बेतरतीबी खत्म हो, ट्रैफिक की रफ्तार बढ़े और पटना की जनता को रोज-रोज के जाम से राहत मिले।नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद पटना की सड़कों पर ऑटो परिचालन का तौर-तरीका बदलने की उम्मीद है। अब रूट की मनमानी के बजाय परमिट, जोन, कलर कोड और निर्धारित स्टॉपेज के हिसाब से परिचालन होगा।