मुजफ्फरपुर: बीएमपी-6 स्थित ड्रीम डांस एकेडमी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एकेडमी के लगभग 25 से 30 छात्र-छात्राओं ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्ति और भारतीय संस्कृति पर आधारित मनमोहक नृत्य एवं कला प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों और अभिभावकों का दिल जीत लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।


कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें श्रीकृष्ण-राधा की लीलाएं, भक्ति गीतों पर नृत्य और सामाजिक संदेश देने वाली प्रस्तुतियां शामिल रहीं। दर्शकों ने बच्चों की हर प्रस्तुति का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रस्तुत सभी नृत्यों की कोरियोग्राफी कोरियोग्राफर पृथ्वी द्वारा की गई, जिनके मार्गदर्शन और प्रशिक्षण में बच्चों ने शानदार प्रदर्शन कर सभी की सराहना बटोरी।


ड्रीम डांस एकेडमी के डायरेक्टर अमरदीप कुमार उर्फ बबलू ने बताया कि एकेडमी में प्रत्येक वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार भी करीब 25 से 30 बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों को मंच पर बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित अभ्यास कराया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वे अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों को लेकर बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों में भी विशेष उत्साह देखने को मिलता है।


कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावक एवं पूर्व प्राचार्य सुधीर कुमार ने कहा कि आज के दौर में केवल औपचारिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नृत्य, संगीत, पेंटिंग और अन्य कलात्मक गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि ड्रीम डांस एकेडमी बच्चों के व्यक्तित्व विकास और कला प्रतिभा को निखारने का सराहनीय कार्य कर रही है।


वहीं, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र की तकनीकी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा शाह ने कहा कि जन्माष्टमी जैसे पावन पर्व पर बच्चों के बीच रहना सुखद अनुभव है। उन्होंने एकेडमी की सराहना करते हुए कहा कि यहां हर त्योहार को पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ मनाया जाता है, जिससे बच्चों और अभिभावकों के बीच आपसी जुड़ाव मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि यहां बच्चों को डांस के साथ-साथ मार्शल आर्ट का भी प्रशिक्षण दिया जाता है, जो उनके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम का सफल मंच संचालन शिशिर कुमार दास ने किया। वहीं प्रसिद्ध कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने अपनी शानदार कठपुतली प्रस्तुति से बच्चों का भरपूर मनोरंजन किया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया।


कार्यक्रम के समापन पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी बच्चों—आराध्या राय, ईशा कुमारी, आर्या कुमारी, नंदनी सोनी, अंशिका कुमारी, सृष्टि सिंह, अर्थ सिंह, अभिनव कुमार, रुद्रांश देव, सृषा सिंह, सौम्या कुमारी, दिव्यांश साह, वंशिका कुमारी, भाव्या कुमारी, अनन्या गुप्ता, आराध्या गुप्ता, करण कुमार, आशीष गुप्ता, रुद्रांश अग्रवाल एवं रौनक—को प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, स्थानीय गणमान्य लोग एवं कला प्रेमी मौजूद रहे। ड्रीम डांस एकेडमी का यह आयोजन एक बार फिर इस बात का प्रमाण बना कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं कलात्मक गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों के पीछे कोरियोग्राफर पृथ्वी की मेहनत और मार्गदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी सभी ने सराहना की। कार्यक्रम बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रदर्शित करने का बेहतरीन अवसर साबित हुआ।