कैमूर: गजब भयो रामा, जुल्म भयो जी… कैमूर से कानून-व्यवस्था और खाकी के अनुशासन का एक ऐसा अनूठा मज़ाकिया नज़ारा सामने आया है, जिसे देखकर कोई भी दांतों तले उंगली दबा ले। शादी-ब्याह के माहौल में जहाँ आम लोग जश्न मनाते हैं, वहीं हमारे चैनपुर थाने के दो जांबाज एएसआई साहबान फर्ज की बंदिशें भूलकर महफिल-ए-रंग के सबसे मुरीद दर्शक बन बैठे। लेकिन अफसोस! महफिल का यह सुरूर तब काफूर हो गया जब किसी सिरफिरे ने इस रंगारंग जलसे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया की सड़क पर वायरल कर दिया।

कुर्सी-ए-खास, ठुमके और लुटते पैसे
मामला कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र का है। यहाँ एक शादी समारोह के दौरान बार-बालाओं के डांस का दौर चल रहा था। भोजपुरी गीतों की धुन पर जब नर्तकियों ने कमर लचकाई, तो चैनपुर थाने में तैनात दो एएसआई सत्येंद्र कुमार और चंदन कुमार खुद को रोक न सके।वर्दी की मर्यादा ताक पर रखकर दोनों दारोगा जी ने बाकायदा पहली कतार में कुर्सी संभाली। सुर-ताल का लुत्फ उठाते हुए दोनों हाथों से खूब नोट उड़ाए गए। मानों पुलिस महकमे का सारा बजट इसी महफिल में लुटा देने की कसम खा ली गई हो।

हत्या और आर्म्स एक्ट के आरोपी संग जमाई महफिल
इस वायरल क्लिप ने तब और भी संगीन मोड़ ले लिया जब जाँच में यह खुलासा हुआ कि दारोगा जी सिर्फ नर्तकियों के लटके-झटकों के कायल नहीं थे, बल्कि उनके ठीक बगल में हत्या और आर्म्स एक्ट का नामजद फरार आरोपी अजीत यादव भी उसी ठाठ-बाठ से बैठकर जलसे का लुत्फ उठा रहा था। यानी एक तरफ कानून की रखवाली करने वाले और दूसरी तरफ कानून को ठेंगा दिखाने वाला मुजरिम दोनों साथ बैठकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद ले रहे थे!

डीएसपी का बयान और एसपी की सख्त कार्रवाई
मामले की खबर जैसे ही आलाधिकारियों तक पहुँची, महकमे में हड़कंप मच गया। कैमूर के पुलिस कप्तान (SP) शिखर चौधरी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच बैठाई।मामले की जानकारी देते हुए भभुआ डीएसपी ओम प्रकाश ने बताया कि एक वीडियो क्लिप संज्ञान में आया था जिसमें चैनपुर थाने के एएसआई सत्येंद्र कुमार और चंदन कुमार एक शादी समारोह में नर्तकी का डांस देखते और अनुशासनहीनता करते पाए गए।वीडियो में गंभीर अपराधों (हत्या व आर्म्स एक्ट) का आरोपी अजीत यादव भी पुलिसकर्मियों के साथ दिखाई दे रहा था, जो पुलिस गाइडलाइंस और आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है।

यद्यपि यह वीडियो दो साल पुराना बताया जा रहा है, परंतु पुलिस की छवि धूमिल करने और गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप में एसपी के आदेशानुसार दोनों एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।खाकी का यह टशन अब उनके गले की फांस बन चुका है। जो हाथ कल तक नोट लुटा रहे थे, वे अब निलंबन की फाइल पर दस्तखत देख रहे हैं।