कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ट्वीट के बाद दरभंगा के स्वतंत्र भारद्वाज उर्फ सगुण का परिवार काफी नाराज है। परिवार ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा है कि यह मूल रूप से दो बच्चों के बीच का विवाद था, जिसे बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। परिवार का आरोप है कि मामले को तूल देकर स्वतंत्र को राजनीतिक रूप से गंभीर धाराओं में फंसाने की साजिश की जा रही है।


2020 में उपनयन संस्कार के लिए गांव आया था स्वतंत्र
स्वतंत्र के चाचा रंजीत झा ने बताया कि करीब छह साल पहले वर्ष 2020 में स्वतंत्र अपने चचेरे भाइयों के साथ उपनयन संस्कार यानी जनेऊ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दरभंगा स्थित अपने पैतृक गांव आया था। उन्होंने बताया कि स्वतंत्र को कनाडा में पढ़ाई के लिए ऑफर लेटर भी मिला था, लेकिन उसने यूपीएससी की तैयारी को प्राथमिकता देते हुए कनाडा जाने से इनकार कर दिया था।चाचा के मुताबिक, स्वतंत्र का जन्म नवगछिया जिले में हुआ था। उस समय उसके पिता रणधीर झा की पहली पोस्टिंग नवगछिया में हुई थी। कुछ समय बाद रणधीर झा की पोस्टिंग पटना हो गई, जिसके बाद स्वतंत्र की प्रारंभिक पढ़ाई-लिखाई पटना में ही हुई। इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह स्नातक की पढ़ाई के लिए दिल्ली चला गया था।

पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं स्वतंत्र के पिता
परिवार के अनुसार, स्वतंत्र के पिता रणधीर झा पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। उनके बड़े भाई लोकनाथ झा सेवानिवृत्त सैनिक हैं, जबकि रंजीत झा, अजित झा और सुमित झा पेशे से शिक्षक हैं। परिवार के ये सभी सदस्य गांव में ही रहते हैं। वहीं स्वतंत्र की मां और उसकी एक बहन पटना में उसके पिता रणधीर झा के साथ रहती हैं।

चाचा बोले- दो बच्चों के विवाद को दिया जा रहा राजनीतिक रंग
स्वतंत्र के चाचा सुमित झा ने कहा कि यह मूल रूप से दो बच्चों के बीच हुआ विवाद था, लेकिन अब अलग-अलग राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से इस मामले को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। उनका कहना है कि मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने से परिवार आहत है। राहुल गांधी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए सुमित झा ने कहा कि ऐसे लोगों के बयानों से मामले का राजनीतिकरण हो रहा है। परिवार का आरोप है कि स्वतंत्र को राजनीतिक रूप से गंभीर धाराओं में फंसाने की साजिश रची जा रही है। परिवार ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि वास्तविक विवाद को उसके मूल संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि उसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जाना चाहिए।