मोतिहारी: राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और STF की संयुक्त टीम ने एक अपार्टमेंट में छापेमारी की. मॉल के पास स्थित अपार्टमेंट में टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी. यह छापेमारी कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में बताई जा रही है.
गलत फ्लैट में पहुंच गई टीम
टीम मूल रूप से जिस फ्लैट के जांच के लिए पहुंची थी, उसकी जगह गलती से दूसरे फ्लैट में दाखिल हो गई. उसी फ्लैट में मोतिहारी के चकिया थाना क्षेत्र (पूर्वी चंपारण) के वार्ड नंबर-17 निवासी अनमोल कुमार मोदी रह रहा था. अचानक NIA और STF की टीम को देखकर युवक घबरा गया.

भागने की कोशिश और गिरफ्तारी
अनमोल कुमार मोदी फ्लैट से नीचे आया और अपनी स्कूटी लेकर वहां से निकलने की कोशिश करने लगा. अपार्टमेंट के नीचे पहले से मौजूद STF जवानों और चित्रगुप्त नगर थाने की पुलिस ने उसके व्यवहार से शक करते हुए घेराबंदी कर उसे स्कूटी सहित पकड़ लिया.
स्कूटी की डिक्की से बड़ी नकदी बरामद
पुलिस और जांच एजेंसियों ने स्कूटी की तलाशी ली तो डिक्की में एक झोला मिला. झोले की जांच करने पर उसमें करीब 20 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई. इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद अधिकारियों ने युवक से पूछताछ शुरू की.
संतोषजनक जवाब नहीं दे सका युवक
अनमोल कुमार मोदी बरामद रकम के स्रोत के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका. पूछताछ के दौरान वह यह नहीं बता पाया कि इतनी बड़ी राशि कहां से आई, किसे पहुंचाई जानी थी या उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए होना था.

गिरफ्तारी और नकदी जब्त
जांच एजेंसियों ने 20 लाख रुपये की नकदी जब्त कर ली और अनमोल कुमार मोदी को गिरफ्तार कर लिया. आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान पक्की हुई. चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी शंकर झा ने इस घटना की पुष्टि की.
हवाला और साइबर फ्रॉड की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों को आशंका है कि युवक हवाला कारोबार से जुड़ा हो सकता है. साइबर फ्रॉड या अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों से संबंध की भी जांच चल रही है. आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि बरामद रकम का किसी आतंकी गतिविधि से सीधा संबंध है या नहीं.

आयकर विभाग को दी गई सूचना
बरामद नकदी की जानकारी आयकर विभाग को भी दे दी गई है. अब वित्तीय पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि रकम का असली स्रोत क्या है और इसे कहां इस्तेमाल किया जाना था. फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है. गलत फ्लैट में हुई इस कार्रवाई ने छापेमारी को बेहद अहम बना दिया है. एजेंसियां कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं. जांच पूरी होने के बाद ही नकदी के स्रोत और युवक की भूमिका की पूरी कहानी सामने आ सकेगी.
