पटना : स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में पटना ने देश के दूसरे बड़े शहरों के बीच अपनी स्थिति में बड़ा सुधार किया है. स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में पटना ने 48 शहरों के बीच 16वां स्थान हासिल किया है. खास बात यह है कि पिछले साल पटना 27वें पायदान पर था. पटना नगर निगम के वार्ड संख्या-9 और वार्ड संख्या-43 ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 40 लाख रुपये की पुरस्कार राशि हासिल की है.

साफ हवा के मामले में पटना को 16 नंबर
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के तहत देशभर के 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों का 37 अलग-अलग मानकों पर मूल्यांकन किया गया. इसमें पटना को कुल 178 अंक मिले. पिछले वर्ष शहर को 164.5 अंक प्राप्त हुए थे और वह 27वें स्थान पर रहा था. इस बार अंकों के साथ रैंकिंग में भी सुधार हुआ है, जिससे वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण सुधार से जुड़े प्रयासों को पटना नगर निगम महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहा है.

पहली बार वार्ड स्तर पर हुआ मूल्यांकन
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में पहली बार वार्ड स्तर पर भी शहरों का मूल्यांकन किया गया. देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वार्डों को आबादी के आधार पर तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनकी कार्यप्रणाली और पर्यावरण से जुड़े प्रयासों का आकलन किया गया. 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों को श्रेणी-1 में रखा गया. इस श्रेणी में पटना नगर निगम के बांकीपुर अंचल स्थित वार्ड संख्या-43 ने राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल किया. इसके लिए निगम को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली है. नगर निगम के मुताबिक इस राशि से राजेंद्र नगर, महमूदी चक, मैला टंकी रोड, आर्य कुमार रोड और पाटलिपुत्र पथ समेत आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण कम करने और पर्यावरण सुधार से जुड़े काम किए जाएंगे.

निगम को 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि
वहीं 10 हजार से 30 हजार की आबादी वाले वार्ड श्रेणी-2 में शामिल किए गए. इस श्रेणी में पटना नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल के वार्ड संख्या-9 ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 9 वार्डों में जगह बनाई. साथ ही राज्य स्तर पर भी यह वार्ड पहले स्थान पर रहा. इसके लिए निगम को 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली है.इस राशि का इस्तेमाल एयरपोर्ट, राजवंशी नगर, हार्डिंग रोड और कौशल नगर जैसे इलाकों में वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों पर किया जाएगा. श्रेणी-3 में 10 हजार से कम आबादी वाले वार्डों को शामिल किया गया था. हालांकि पटना नगर निगम के सभी वार्डों की आबादी इस श्रेणी के लिए निर्धारित सीमा से अधिक है, इसलिए कोई भी वार्ड इस श्रेणी के तहत पात्र नहीं रहा.
हरियाली से कचरा प्रबंधन तक इन कामों का हुआ मूल्यांकन
वार्डों की रैंकिंग सिर्फ वायु गुणवत्ता के आंकड़ों के आधार पर नहीं हुई, बल्कि पर्यावरण और शहरी प्रबंधन से जुड़े कई पहलुओं को मूल्यांकन में शामिल किया गया. इसमें हरियाली और पौधारोपण, सड़क किनारे वृक्षारोपण, नियमित कचरा संग्रहण, बेहतर सड़क व्यवस्था, मुख्य सड़कों की मशीनों से सफाई, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट यानी C&D Waste का प्रबंधन, स्वच्छता और जन-जागरूकता जैसे मानक प्रमुख रहे. इन क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन और प्रबंधन के आधार पर वार्ड-9 और वार्ड-43 ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई. नगर निगम का कहना है कि पुरस्कार के रूप में मिली 40 लाख रुपये की राशि को भी संबंधित इलाकों में वायु प्रदूषण नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण सुधार पर खर्च किया जाएगा.

उपलब्धि पर क्या बोली सीता साहू?
पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू ने कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पटना का बेहतर प्रदर्शन पूरे नगर निगम के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि स्वच्छ और हरित पटना बनाने की दिशा में लगातार किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है.”पुरस्कार के रूप में मिली राशि का इस्तेमाल संबंधित वार्डों में पर्यावरण सुधार और वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों में किया जाएगा, ताकि इसका सीधा लाभ शहर के नागरिकों को मिल सके.
‘सिर्फ रैंकिंग नहीं, नागरिकों को बेहतर हवा देना लक्ष्य’
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि पटना नगर निगम की ओर से वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई ठोस पहल की जा रही हैं. सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने, पौधारोपण, कचरा प्रबंधन, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, सड़कों की बेहतर सफाई और जन-जागरूकता जैसे क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है. नगर आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर 16वीं और वार्ड स्तर पर दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिलने से पटना नगर निगम के वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई मजबूती मिली है. स्वच्छ और बेहतर वायु गुणवत्ता वाले पटना के लिए इन प्रयासों को नगर निगम की ओर से आगे भी जारी रखा जाएगा और नए प्रयास भी किए जाएंगे.