पटना. विभिन्न ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने बस के किराए में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। किराए में यह बढ़ोतरी सोमवार से लागू हो जाएंगी। बस किराए में 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पिछले दिनों परिवहन विभाग की ओर से कहा गया था कि 2014 के बाद से किराए में बढ़ोतरी नहीं की गई है, इसलिए बढ़ती महंगाई के कारण किराए में संशोधन किया जा रहा है। वृद्धि की गणना 2014 के किराए पर की जाएगी। किराए में होने वाली इस वृद्धि से आम आदमी की जेब पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
रविवार को एक बयान जारी कर ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन राज्य कमेटी के महासचिव राजकुमार झा, अध्यक्ष विजयधारी कुमार, बिहार नगर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के महासचिव अजय कुमार ने कहा कि पिछले कई वर्षों से परिवहन विभाग की ओर से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी।
2013-14 में अंतिम बार बढ़ोतरी हुई थी उस समय डीजल 48 रुपए था और अब 80 रुपए हो गया है। इसके साथ ही वाहन बीमा के प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी हुई है। इधर ऑटो किराया में भी वृद्धि की तैयारी है। 6 अक्टूबर को ऑटो यूनियन के प्रतिनिधि डीटीओ से मिलकर 2 से 3 रुपए वृद्धि की मांग रखेंगे।
सभी जिलों के डीटीओ तय करेंगे किराया : राज्य के सभी 38 जिलों में मिनी बस, बस, टैक्सी आदि के किराए में बढ़ोतरी की जा रही है। बढ़े हुए किराए के बाद पटना से मुजफ्फरपुर एसी बस का किराया 110 रुपए से बढ़कर 150 रुपए हो जाएगा, सामान्य बस का किराया 90 रुपए से बढ़कर 110 रुपए हो जाएगा।
पटना से मधुबनी एसी बस का किराया 240 रुपए से बढ़कर 300 रुपए हो जाएगा। राजकुमार झा ने कहा कि सभी जिले के डीटीओ को चाहिए कि ट्रांसपोर्ट यूनियनों के मान्यताप्राप्त प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बढ़े हुए किराए का निर्धारण करे।