पटना: बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए मंगलवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में सात-सात हजार रुपये की राहत राशि भेजेंगे. राज्य में बाढ़ से आठ लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.

डीबीटी के जरिए 579.23 करोड़ की मदद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में प्रति परिवार 7000 रुपये की दर से कुल 579.23 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजेंगे. यह राशि मुख्यमंत्री आवास के संकल्प सभागार से भेजी जाएगी.

कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे उपमुख्यमंत्री और मंत्री
इस मौके पर दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव के साथ आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा भी मौजूद रहेंगे. मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं.
15 जिलों की 49 लाख आबादी प्रभावित
इस साल बिहार के 15 जिलों की 49 लाख से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में आई थी. 88 प्रखंडों के 575 ग्राम पंचायतों के लोग गंगा, पुनपुन, सोन, गंडक और कोसी जैसी नदियों में आई बाढ़ से प्रभावित हुए थे.

प्रभावित जिलों की सूची
बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना के अलावा वैशाली, सारण, भोजपुर, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, अरवल, मधेपुरा और पूर्णिया शामिल हैं. कई जगहों पर गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है, हालांकि केंद्रीय जल आयोग के अनुसार स्तर लगातार घट रहा है.

केंद्रीय टीम का कल दौरा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम 16 सितंबर को बिहार पहुंच रही है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आने वाली यह टीम नुकसान का जायजा लेगी, जिसके आधार पर केंद्र से मदद मिलने की उम्मीद है.

बाढ़ पर सियासी बयानबाजी भी जारी
बाढ़ को लेकर सियासत भी गर्म है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार केंद्र से पर्याप्त मदद नहीं मिलने का आरोप लगा रहे हैं और प्रधानमंत्री से बिहार को आपदाग्रस्त राज्य घोषित करने की मांग कर चुके हैं. वहीं मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री की नजर बिहार पर है. ऐसे में आज की 7000 रुपये की राहत राशि पीड़ित परिवारों के लिए राहत का बड़ा कदम साबित होगी.
