मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर के कन्हौली इलाके में गणेश उत्सव पूजा समिति की ओर से आयोजित गणेश पूजा महोत्सव के आज तीसरे दिन गणपति बप्पा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस बार भगवान गणेश ‘कन्हौली के राजा’ के रूप में विराजमान हैं।



माता पार्वती की गोद में विराजमान गणपति बप्पा की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गणेश उत्सव का यह आयोजन लगातार नौवें वर्ष किया जा रहा है, जो 14 सितंबर से शुरू होकर 19 सितंबर तक चलेगा, जबकि 20 सितंबर को गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाएगा। आयोजन के दौरान प्रतिदिन संध्या आरती, भजन-कीर्तन, महाप्रसाद, महाभंडारा और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।


वहीं, गणेश उत्सव के चौथे दिन यानी 17 सितंबर की संध्या को यहां विशेष सांस्कृतिक संध्या एवं नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। ‘नृत्य है अभिव्यक्ति… संस्कृति है हमारी पहचान’ की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभा, संस्कृति और मनोरंजन का संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम शाम 7 बजे खादी भंडार रोड, कन्हौली, मुजफ्फरपुर में आयोजित होगा।


कार्यक्रम को EECD यानी Eastern Estate Construction and Developers Pvt. Ltd. ‘Powered by’ कर रहा है, जबकि EIDF यानी Eastern India Development Forum की ओर से इसे ‘Presented by’ किया जा रहा है। नृत्य प्रतियोगिता के लिए सम्मानित निर्णायक मंडल में गौरी शंकर मिश्रा, अजीत सहगल और अनिल शेखावत शामिल रहेंगे। समिति की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे इस सांस्कृतिक संध्या में शामिल होकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाएं और अपनी प्रतिभा के माध्यम से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं।


स्थानीय निवासी अनीता पांडे ने बताया कि महिलाओं की गणपति बप्पा में विशेष आस्था है और बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रही हैं। वहीं, गणेश उत्सव पूजा समिति के संस्थापक कृष्णानंद पांडे ने बताया कि पिछले नौ वर्षों से लगातार गणेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

उनका उद्देश्य पूजा के साथ-साथ लोगों को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ना और बच्चों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है।


उन्होंने कहा कि इस बार भी पूरे आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह है और 17 सितंबर को होने वाली सांस्कृतिक संध्या एवं नृत्य प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

आज तीसरे दिन भी ‘कन्हौली के राजा’ के जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय बना हुआ है। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से सहपरिवार पहुंचकर गणपति बप्पा के दर्शन करने और 17 सितंबर की सांस्कृतिक संध्या में शामिल होने की अपील की है।