मुजफ्फरपुर: बिहार में निर्माणाधीन पुल और फ्लाईओवर की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। कहीं पुल का स्लैब धंस जाता है तो कहीं निर्माण के दौरान ही ढांचा धराशायी हो जाता है। अब ऐसा ही एक मामला मुजफ्फरपुर से सामने आया है, जहां निर्माणाधीन फ्लाईओवर का भारी-भरकम सेंटरिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसा रविवार की देर रात हुआ, जिसके कारण बड़ा हादसा होने से टल गया।

जानकारी के अनुसार, यह घटना मुजफ्फरपुर-दरभंगा रोड स्थित एनएच-27 के मझौली चौक की है। रविवार रात करीब 10 बजे निर्माणाधीन फ्लाईओवर के ढलाई कार्य के लिए लगाया गया सेंटरिंग अचानक नीचे आ गिरा। लोहे के भारी ढांचे के गिरते ही तेज आवाज हुई, जिसके बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

अचानक गिरा भारी-भरकम ढांचा
बताया जा रहा है कि फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के दौरान ढलाई के लिए सेंटरिंग तैयार किया गया था। इसी दौरान अचानक पूरा ढांचा नीचे गिर गया। सेंटरिंग के साथ लोहे की छड़ें और निर्माण सामग्री भी सड़क पर बिखर गईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना रात के समय हुई। उस वक्त मझौली चौक पर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम थी। यही वजह रही कि सेंटरिंग गिरने के बावजूद किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है।

दिन में होता हादसा तो बढ़ सकती थी मुश्किल
इस घटना ने निर्माण कार्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है। मझौली चौक ऐसा इलाका है, जहां दिन के समय काफी भीड़ रहती है। चौक के आसपास फल और सब्जियों की दुकानें लगती हैं। इसके अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए यहां पहुंचते हैं।

ऐसे में यदि फ्लाईओवर का सेंटरिंग रात के बजाय दिन में गिरता, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। सड़क से गुजर रहे वाहन, दुकानदार और राहगीर इसकी चपेट में आ सकते थे। हालांकि, हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों और निगरानी को लेकर चर्चा जरूर छेड़ दी है।

सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और निर्माण एजेंसी
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही फ्लाईओवर का निर्माण करा रही एजेंसी के कर्मचारी और अन्य संबंधित लोग भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सड़क पर गिरे मलबे और लोहे की छड़ों को हटाने का काम शुरू किया, ताकि एनएच-27 पर यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ भी जुट गई। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप है कि फ्लाईओवर निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है। हालांकि, सेंटरिंग गिरने की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

निर्माण की गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल
बिहार में निर्माणाधीन पुलों और फ्लाईओवर से जुड़ी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में मुजफ्फरपुर की यह घटना भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सेंटरिंग जैसे भारी ढांचे को ढलाई के दौरान पर्याप्त मजबूती और सुरक्षा के साथ लगाया गया था या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। फिलहाल स्थानीय स्तर पर मलबा हटाने और यातायात सामान्य रखने की कोशिश की जा रही है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग इस घटना की जांच में क्या कारण सामने रखते हैं और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
