मुजफ्फरपुर: अली नेउरा स्थित डेजावू स्कूल ऑफ इनोवेशन में छात्रा के साथ शिक्षक द्वारा मारपीट के आरोप को लेकर अब स्कूल प्रबंधन ने अपना पक्ष सामने रखा है। प्रबंधन ने छात्रा के साथ मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए पूरे मामले को अलग तरीके से प्रस्तुत किए जाने की बात कही है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शिक्षक छात्रा को अनुशासन के तहत समझाने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, घटना के बाद छात्रा के परिजनों और कुछ स्थानीय लोगों के स्कूल पहुंचने से स्थिति बिगड़ने का दावा किया गया है।

स्कूल के निदेशक अभय नंदन ने कहा कि संस्थान में छात्रा के साथ मारपीट की कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि शिक्षक छात्रा को समझाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान छात्रा ने अपने पिता को स्कूल बुला लिया। इसके बाद कुछ स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के पहुंचने से स्कूल परिसर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। निदेशक ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज स्कूल में मौजूद है और इससे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

स्कूल की निदेशिका गरिमा विशाल ने घटना को अप्रत्याशित बताते हुए कहा कि स्कूल पिछले कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है और इस तरह की स्थिति पहले कभी सामने नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान स्कूल परिसर में स्थित शिक्षिकाओं के हॉस्टल में भी बाहरी लोगों द्वारा प्रवेश कर बदतमीजी और मारपीट की गई।

वहीं, शिक्षक प्रिंस ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रा को केवल समझाने का प्रयास किया था। उनके अनुसार, इसके बाद छात्रा ने अपने परिजनों को बुलाया, जिसके बाद उनके साथ बदतमीजी और मारपीट की गई।


प्रत्यक्षदर्शी शिक्षिका सोनम ने बताया कि रोने की आवाज सुनकर वह ऊपर पहुंचीं, जहां छात्रा और शिक्षक के बीच विवाद चल रहा था। उन्होंने भी छात्रा को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्रा अपने परिजनों को बुलाने की बात पर अड़ी रही। शिक्षिका के अनुसार, परिजनों और कुछ जनप्रतिनिधियों के स्कूल पहुंचने के बाद परिसर में तोड़फोड़ और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हुई।

स्कूल में मौजूद छात्रा राशि गुप्ता ने भी प्रबंधन के पक्ष में बात रखते हुए कहा कि जिस तरह से घटना को बड़ा रूप दिया गया, उसके मुताबिक स्कूल में कोई बड़ी घटना नहीं हुई थी। राशि के अनुसार, छात्रा द्वारा नकल किए जाने को लेकर शिक्षक ने उसे रोका और समझाने का प्रयास किया था। उनका दावा है कि इसी दौरान छात्रा और शिक्षक के बीच बहस हुई और बाद में छात्रा ने अपने परिजनों को स्कूल बुला लिया। इसके बाद स्कूल परिसर में हंगामा और मारपीट की स्थिति बनी।


एक अन्य महिला परिजन ने भी स्कूल प्रबंधन का समर्थन करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज स्कूल में मौजूद है। उन्होंने कहा कि छात्रों के बेहतर भविष्य और अनुशासन के लिए शिक्षकों द्वारा समझाना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन स्कूल परिसर में बाहरी लोगों के पहुंचकर हंगामा करने से स्थिति गंभीर हो सकती है।

फिलहाल छात्रा से मारपीट के आरोप और स्कूल प्रबंधन की ओर से किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्कूल प्रबंधन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आने की बात कही है। मामले में दोनों पक्षों के दावों के बीच जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
