बारिश और बदलते मौसम के बीच पटना में बुखार, टाइफाइड और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज बुखार और संक्रमण जैसे लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। टाइफाइड के साथ वायरल बुखार और स्वाइन फ्लू जैसे संक्रमण की भी जांच की जा रही है।

बारिश और बदलते मौसम के बीच पटना में बुखार, टाइफाइड और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज बुखार और संक्रमण जैसे लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। टाइफाइड के साथ वायरल बुखार और स्वाइन फ्लू जैसे संक्रमण की भी जांच की जा रही है।

मरीजों में तेज बुखार, खांसी, कमजोरी, चक्कर, गले में दर्द, सूखी खांसी और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में आने वाले मरीजों के लक्षणों के आधार पर आवश्यक जांच कराई जा रही है।

बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलजमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की शिकायत भी सामने आई है। कंकड़बाग, बुद्धा कॉलोनी, राजीव नगर, बोरिंग रोड, गर्दनीबाग, दानापुर, महेंद्रू और नेपाली नगर समेत कई इलाकों में जलजमाव की समस्या बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर नियमित फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव नहीं हो रहा है। टूटी नालियां, जमा पानी, तालाबों के आसपास उगी घास और गंदगी को भी मच्छरों के पनपने की वजह बताया जा रहा है।

डॉक्टरों के अनुसार, अस्पतालों में टाइफाइड और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मौसम में बदलाव को देखते हुए स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। वायरल बुखार और डेंगू के साथ स्वाइन फ्लू की भी जांच कराई जा रही है। अस्पतालों से लिए गए सैंपल पटना सिटी के अगमकुआं स्थित आरएमआरआई सेंटर भेजे जा रहे हैं।

मरीजों के लिए प्री-जांच और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था भी की जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, बारिश और जलजमाव के कारण बैक्टीरिया तथा मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है। ऐसे में लगातार बुखार, खांसी या शरीर में दर्द जैसे लक्षण बने रहने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
