मधुबनी: मधुबनी में एक अनोखा मामला सामने आया है। मधुबनी समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के मुख्य गेट पर कोर्ट द्वारा नीलामी का नोटिस (इश्तहार) चस्पा किया गया है। न्यायालय ने बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर समाहरणालय भवन और उसकी जमीन की नीलामी का आदेश दिया है।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पांडेय ने मामले में 5 नवंबर को समाहरणालय भवन की नीलामी का आदेश जारी किया है। मामला एम.एस. राधा कृष्णा एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम पंडौल को-ऑपरेटिव स्पिनिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। मामले में राधा कृष्णा एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में करीब 4.17 करोड़ रुपये की राशि का आदेश हुआ था।

राशि का भुगतान नहीं होने पर न्यायालय ने समाहरणालय के दक्षिण स्थित करीब 10 कट्ठा जमीन पर बने दो मंजिला भवन की नीलामी का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश की प्रति समाहरणालय, निबंधन कार्यालय, वकालत खाना और व्यवहार न्यायालय परिसर में भी चस्पा की गई है।

पूरा मामला पंडौल को-ऑपरेटिव सूत मिल से जुड़े पुराने बकाया विवाद का है। मिली जानकारी के अनुसार, कोलकाता की निजी कंपनी मेसर्स राधा कृष्णा एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने पंडौल को-ऑपरेटिव सूत मिल के खिलाफ कानूनी मुकदमा जीता था। इसके बाद कंपनी के पक्ष में करीब 4.17 करोड़ रुपये की राशि देय हुई थी।

बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर स्थानीय सिविल कोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए समाहरणालय भवन और उसकी जमीन की नीलामी का नोटिस जारी किया। नोटिस के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो समाहरणालय भवन और उसकी जमीन की नीलामी की जाएगी।

