RJD सांसद मनोज झा को पुलिस ने उठाया, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर भारी बवाल, देश भर में शुरू हुआ विरोध

गांधी जयंती के दिन दिल्ली का जंतर-मंतर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद जंतर-मंतर पहुंचे RJD सांसद मनोज झा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), मनोज झा, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया है। प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर है। उनका आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं, जिससे मतदान के अधिकार को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।

‘क्या प्रदर्शन के लिए भी अनुमति चाहिए?’—मनोज झा

जंतर-मंतर पहुंचने के दौरान मनोज झा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या प्रदर्शन के लिए भी अनुमति चाहिए? आखिर यह गांधी का देश है। आज गांधी जयंती है।” उन्होंने कहा कि वह प्रदर्शन में जरूर शामिल होंगे। झा ने CEC ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी SIR को लेकर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों के हैं। चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिया गया बताया है और कहा है कि तीन सदस्यीय आयोग में अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी, 11 मेट्रो स्टेशन बंद

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर धरने या मार्च की अनुमति नहीं दी है। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोगों के पहुंचने की संभावना थी।

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो ने 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद कर दिया है। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं। हालांकि कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी है। मध्य दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है।

SIR को लेकर विपक्ष की बड़ी मांग

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने SIR को रद्द करने की मांग करते हुए दावा किया कि इससे 13 करोड़ से अधिक लोगों का मतदान अधिकार प्रभावित हुआ है। उन्होंने 4 जून 2024 को लोकसभा चुनाव परिणाम के समय मौजूद मतदाता सूची को बहाल करने और CEC के इस्तीफे की मांग की।

SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। वहीं, चुनाव आयोग अपने फैसलों और प्रक्रिया का बचाव कर रहा है। इससे पहले भी SIR के खिलाफ दिल्ली में हुए प्रदर्शनों में कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।

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