पटना: बिहार सरकार आपातकालीन स्थितियों में लोगों को अलर्ट कर सके इसके लिए लगातार तैयारी कर रही है. मंगलवार को इसी के तहत आपदा प्रबंधन विभाग के नागरिक सुरक्षा निदेशालय की ओर से आपातकालीन सायरन प्रणाली तकनीक का परीक्षण किया जाएगा. पटना के न्यू पुनाइचाक स्थित नागरिक सुरक्षा निदेशालय में आपातकालीन सायरन प्रणाली अधिष्ठापित की गई है.

निदेशालय की लोगों से अपील
नागरिक सुरक्षा निदेशालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार लोगों से अपील की गई है कि 1:00 से 2:00 के बीच इस आपातकालीन सायरन प्रणाली का परीक्षण किया जाएगा और इस दौरान घबराने की जरूरत नहीं है. सायरन का परीक्षण इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि इससे लोगों को चेतावनी मिले और किसी तरह के हमले के समय लोग सतर्क हो जाएं.

सायरन परीक्षण से जुड़ी मुख्य बातें
- समय: दोपहर 1:00 से 2:00 बजे
- स्थान: न्यू पुनाईचक स्थित नागरिक सुरक्षा निदेशालय नियंत्रण कक्ष
- दायरा: सायरन की आवाज 3 किमी तक सुनाई देगी
- उद्देश्य: आपातकाल में लोगों को सूचना देना

अफवाहों और भ्रम से बचने की सलाह

वास्तविक आपदा से संबंध नहीं
इस परीक्षण का किसी वास्तविक आपदा, हवाई हमले, आगजनी, बाढ़, भूकंप अथवा किसी अन्य आपात स्थिति से कोई संबंध नहीं है. कृपया इस मौके पर घबराएं नहीं एवं धैर्य बनाए रखें.

पहले भी हो चुका है ब्लैकआउट अभ्यास
इससे पहले पटना में रात का ब्लैकआउट अभ्यास किया गया था. 14 मई को शाम 7 बजे से 7:15 तक मॉक ड्रिल किया गया था. इस दौरान शहर के 80 प्रमुख स्थानों पर सायरन बजा था. इस दौरान घरों और दुकानों की लाइट पूरी तरह बंद कर दी गई थी.

