बिहार: बिहार में बिना परमिट के वाहन चलाने वालों को राहत मिली है। राज्य परिवहन प्राधिकार ने बिना परमिट अवैध रूप से चलने वाले वाहनों पर जुर्माना लगाने की अवधि 30 दिन से घटाकर अधिकतम 7 दिन कर दी है। पहले ऐसे वाहनों के खिलाफ 30 दिनों तक के अवैध परिचालन के लिए अर्थदंड लगाने का निर्णय लिया गया था। अब नए निर्देश के अनुसार अधिकतम सात दिनों का ही जुर्माना वसूला जाएगा।

राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय, पटना की ओर से जारी आदेश में इस बदलाव की जानकारी दी गई है। आदेश के मुताबिक, वाहन मालिकों के अनुरोध पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया है। हालांकि, जुर्माने की राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पहली बार 10 हजार रुपये जुर्माना
मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 192क के तहत बिना परमिट वाहन चलाने पर जुर्माने का प्रावधान है। नए आदेश में जुर्माने की अवधि घटाई गई है, लेकिन जुर्माने की राशि पहले की तरह ही रहेगी। पहली बार अपराध करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना जबकि दोबारा अपराध करने पर भी 10 हजार रुपये की शास्ति का प्रावधान यथावत रहेगा। इस तरह राहत जुर्माने की अवधि में दी गई है, न कि जुर्माने की राशि में।

सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश
राज्य परिवहन प्राधिकार ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को नए आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है। जिन वाहनों के खिलाफ सात दिनों से अधिक अवधि का जुर्माना वसूलने का निर्देश पहले दिया गया था, उनसे अब अधिकतम सात दिनों का ही अर्थदंड वसूला जाएगा।

जुर्माना जमा करने के बाद परमिट जारी करने की प्रक्रिया
विभाग ने संबंधित वाहन मालिकों से कहा है कि वे जुर्माने की राशि संबंधित निबंधन प्राधिकार के कार्यालय में जमा करें। राशि जमा करने के बाद उसका प्रमाण राज्य परिवहन प्राधिकार, बिहार के कार्यालय में भी जमा करना होगा।

इसके बाद लंबित परमिट जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। इस फैसले से उन वाहन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके वाहनों के खिलाफ बिना परमिट परिचालन को लेकर लंबी अवधि का जुर्माना लगाया गया था।
