किशनगंज: बिहार में शराबबंदी को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार लगातार नए दावे करती रहती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी अलग नजर आ रही है. जनप्रतिनिधियों के कई कारनामे समय-समय पर सामने आते रहते हैं. ताजा मामला किशनगंज जिले के चुरली पंचायत के सरपंच राजीव पासवान का है, जिन्हें निजी होटल में शराब रखने, लोगों को शराब पिलाने, पुलिस के साथ बदसलूकी करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

सरपंच ने नष्ट की शराब
सोमवार को कुर्लिकोट थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार के नेतृत्व में स्थानीय एसएसबी टीम के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया. इस छापेमारी के दौरान जिलेबिया मोड़ स्थित होटल में शराब बरामद हुई. पुलिस का आरोप है कि सरपंच ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए शराब नष्ट कर दी. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया.

सरपंच राजीव पासवान गिरफ्तार
बीते शनिवार की रात एसडीपीओ-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में दोबारा छापेमारी हुई. उस दौरान शराब सेवन के आरोप में अकरम राही को पकड़ा गया और रविवार को जेल भेज दिया गया. थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि होटल में शराब की बिक्री और सेवन से जुड़े मामले की तह तक पहुंचने के लिए मुख्य आरोपी की तलाश थी. इसी क्रम में सोमवार को सरपंच राजीव पासवान की गिरफ्तारी हुई.

राजीव लोक जनशक्ति पार्टी का है जिला अध्यक्ष
एसपी संतोष कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. जानकारी के अनुसार, राजीव पासवान लोक जनशक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष (पंचायती राज प्रकोष्ठ) भी हैं. वे खुद को चिराग पासवान का करीबी बताते हैं और स्थानीय अधिकारियों पर रौब जमाने की कोशिश करते रहे हैं. पहले सबूतों के अभाव में कार्रवाई नहीं हो पा रही थी.

सरपंच के खिलाफ कार्रवाई शुरू
यह घटना बिहार में शराबबंदी कानून के लागू होने के बावजूद जनप्रतिनिधियों द्वारा नियमों की अनदेखी का एक और उदाहरण है. स्थानीय स्तर पर ऐसे मामले सामने आने से प्रशासन की चुनौतियां साफ नजर आती हैं. सरपंच के खिलाफ शराब रखने, पिलाने, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस से बदसलूकी के आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है.