मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर में गुरुवार की अहले सुबह उस समय जेल प्रशासन और कैदियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा पहुंच गए। सुबह करीब तीन बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में जिला प्रशासन और पुलिस के करीब 150 जवानों ने जेल परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। अचानक हुई इस छापेमारी से जेल के अंदर बंद कैदियों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई।

दरअसल, जिलाधिकारी कुमार गौरव और पुलिस कप्तान कांतेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में जिला प्रशासन तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने जेल में प्रवेश किया। इनके साथ सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी, चार डीएसपी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। अधिकारियों की दर्जनों गाड़ियां एक के बाद एक जेल परिसर में पहुंचीं और इसके बाद अलग-अलग हिस्सों में तलाशी अभियान शुरू किया गया।

जेल के कोने-कोने में हुई तलाशी
छापेमारी के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जेल परिसर में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। कैदियों के वार्ड और अन्य निर्धारित स्थानों की तलाशी ली गई। अचानक इतनी बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और जवानों के पहुंचने से जेल परिसर में हलचल मच गई।हालांकि, घंटों तक चली तलाशी के बावजूद पुलिस को किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस कप्तान कांतेश कुमार मिश्रा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गुरुवार की अहले सुबह करीब तीन बजे जिलाधिकारी कुमार गौरव के नेतृत्व में शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में छापेमारी की गई। इस दौरान कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला।

गोविंद हत्याकांड के आरोपियों को दूसरे जिलों की जेल में भेजने की तैयारी
इस छापेमारी के बीच गोविंद हत्याकांड का मामला भी चर्चा में है। इस हत्याकांड के आरोपी फिलहाल मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंद हैं। पुलिस की ओर से इन आरोपियों को दूसरे जिलों की जेलों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी चल रही थी।जानकारी के मुताबिक, अब आरोपियों को अलग-अलग जिलों की जेलों में शिफ्ट करने की अनुमति मिल चुकी है। इसके बाद जल्द ही उन्हें मुजफ्फरपुर जेल से निकालकर अन्य जेलों में भेजने की कार्रवाई की जा सकती है।पुलिस प्रशासन का यह कदम जेल के भीतर आरोपियों के आपसी संपर्क और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, आरोपियों को स्थानांतरित करने की विस्तृत वजहों को लेकर आधिकारिक तौर पर अलग से जानकारी सामने नहीं आई है।

छापेमारी में कौन-कौन अधिकारी रहे मौजूद?
इस संयुक्त तलाशी अभियान में जिलाधिकारी कुमार गौरव, वरीय पुलिस कप्तान कांतेश कुमार मिश्रा, सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी, चार डीएसपी, करीब 150 पुलिस जवान, जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी शामिल रहे।

जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में हुई इस अचानक छापेमारी को जेल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। वहीं, गोविंद हत्याकांड के आरोपियों को अलग-अलग जिलों की जेलों में भेजने की तैयारी से आने वाले दिनों में मुजफ्फरपुर जेल प्रशासन की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। अब देखना होगा कि आरोपियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया कब तक पूरी होती है और जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।