पटना : बिहार की राजधानी पटना से सटे फुलवारी शरीफ में बड़ा एक्शन देखने को मिला है. फुलवारी शरीफ थाने के 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इनपर 11 लाख रुपए लेकर आरोपी को छोड़ने का आरोप लगा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

कौन-कौन निलंबित हुए
मामले में एसआई दिवाकर प्रसाद, एसआई नारद मुनि सिंह, एसआई रितेश कुमार, एसआई पवन कुमार, पीएसआई आकाश कुमार, पीटीसी जवान साबिर आलम, सिपाही आनंद राज और सिपाही शुभम कुमार को सस्पेंड किया गया है. फुलवारीशरीफ थाने में दो व्यक्तियों को कथित रूप से अवैध तरीके से छोड़ने और पैसे के लेन-देन के मामले में यह कार्रवाई हुई है.

FIR दर्ज कर की जा रही कार्रवाई
प्रथम दृष्टया मामले में फुलवारीशरीफ थाने के 8 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की संलिप्तता सामने आई है. इनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू की जा रही है. मामले में कुछ स्थानीय लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है. उनकी भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों की खरीद बिक्री के मामले में पुलिस की कार्रवाई अब खुद पुलिसकर्मियों के लिए सवालों के घेरे में आ गई है. गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के दौरान गिरफ्तार एक आरोपी के साथ पकड़े गए दो अन्य युवकों को छोड़ने और उनसे कथित तौर पर मोटी रकम लेने का मामला सामने आया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं.
नगर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी चन्द प्रकाश ने बताया कि 26 अक्टूबर 2026 को फुलवारीशरीफ थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मादक पदार्थों की खरीद बिक्री करने वाले आरोपियों के खिलाफ छापेमारी की थी. इस दौरान आकिब खान उर्फ मो. साकिब खान को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

लेनदेन में हुआ विवाद तो खुला मामला
सिटी एसपी ने बताया कि पैसे के लेनदेन को लेकर बाद में आपस में कहासुनी और विवाद होने लगा. इसी घटनाक्रम की जानकारी वरीय अधिकारियों तक पहुंची. जिसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई गई. मामले की जांच सहायक पुलिस अधीक्षक फुलवारीशरीफ पटना को सौंपी गई है. जांच के दायरे में छापेमारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी और कर्मी हैं.

पुलिस महकमे में हलचल तेज
वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई करने और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है. अब जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि इस कथित अनियमितता में किन लोगों की भूमिका रही है और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी.