राफेल मामले में सामने आई एक नयी मीडिया रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उद्योगपति अनिल अंबानी के ‘बिचौलिए’ की तरह काम करने और सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसको लेकर मोदी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होनी चाहिए।

उन्होंने अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर का हवाला देते हुए सवाल किया कि प्रधानमंत्री के फ्रांस दौरे से पहले अंबानी को कैसे पता चल गया था कि सौदा होने वाला है और कांट्रैक्ट उन्हें मिलने वाला है? गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक ईमेल सामने आया है जिससे सवाल पैदा होता है कि अनिल अंबानी कैसे प्रधानमंत्री के दौरे से पहले फ्रांस के रक्षा मंत्री से मुलाकात कर रहे थे?’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को सौदे के बारे पता नहीं था। तत्कालीन विदेश सचिव को नहीं मालूम था। एचएएल को नहीं मालूम था। लेकिन अनिल अंबानी को पहले से पता था कि सौदा होने वाला है, जबकि अंबानी फ्रांस के रक्षा मंत्री के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे।’’ ये भी पढ़े- राफेल सौदे से दो हफ्ते पहले अंबानी ने फ्रांस के रक्षा अधिकारियों से की थी मुलाकात

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन है। इसको लेकर प्रधानमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होनी चाहिए। गांधी ने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री अनिल अंबानी के लिए बिचौलिए की तरह काम कर रहे हैं। यह पूरी तरह स्पष्ट है।’’
उन्होंने इस मामले से जुड़ी कैग रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि ‘चौकीदार ऑडिटर जनरल रिपोर्ट’ है जिसका कोई मतलब नहीं है। सरकार तथा अंबानी का समूह कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं।
राफेल सौदे में कथित घोटाले के विपक्ष के आरोपों के बीच मोदी सरकार मंगलवार को संसद में कैग रिपोर्ट रखेगी। प्रोटोकॉल के तहत नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग) अपनी रिपोर्ट की एक प्रति राष्ट्रपति और दूसरी प्रति वित्त मंत्रालय को भेजते हैं। सूत्रों के अनुसार, राफेल पर कैग रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेज दी गई है।
