
VAISHALI (ARUN KUMAR) : बिहार पुलिस के मुखिया बनते ही पुलिस महानिदेशक ने कहा था की पुलिस अपराधियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई करेगी. गोली का जवाब गोली से दिया जायेगा. अपराधी अगर गोली चलाएंगे तो पुलिस हनुमान चालीसा नहीं पढ़ेगी, बल्कि अपराधी के ईंट का जवाब पत्थर से देगी बिहार की पुलिस. डीजीपी के इस कथन को सत्य कर दिखाया है वैशाली की पुलिस ने.
दरअसल पटना पुलिस मुख्यालय के एडीजी कुंदनकृष्णन को गुप्त सूचना मिली थी कि वैशाली के महनार थाने के हसनपुर दक्षिणी पंचायत के बहलोलपुर दियारा में लूट के सोने के खपाने की कोशिश में कुख्यात सोना लुटेरा मनीष अत्याधुनिक हथियारों के साथ छुपा है. सूचना मिलने ही एडीजी कुंदनकृष्णन ने एसटीएफ की एक टीम को अपराधियों की गिरफ़्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

एसटीएफ की टीम ने वैशाली के महनार थाने के हसनपुर दक्षिणी पंचायत के बहलोलपुर दियारा में चिन्हित जगह की चारो ओर से घेराबंदी कर ली. खुद को घिरा देख अपराधियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी अपने हथियारों के नाल खोल दिए. अपराधियों औरएसटीएफ के बीच हुई मुठभेड़ में दोनों तरफ से अंधाधुंध फायरिंग की गई. इस मुठभेड़ में एसटीएफ की गोली से तीन अपराधी मौके पर ही मारे गए. साथ ही कुछ अपराधियों के फरार होने की भी बात कही जा रही है. पुलिस ने दावा किया है की फरार अपराधी भी पुलिस की गोली से घायल हैं, जिसे जल्द ही धर दबोचा जायेगा. पुलिस ने मौके से दो एके-47 राइफल, पिस्टल और नगद रुपया भी बरामद किया है. एसटीएफ-अपराधी के बीच हुए मुठभेड़ की पुष्टि ADG कुंदन कृष्णन ने की है. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि बिहार में अपराधियों के गोली का जवाब गोली से ही दिया जाएगा.

वैशाली में एसटीएफ और अपराधियों के बीच हुए एनकांउटर में कुख्यात गोल्ड लुटेरा मनीष के साथ उसके 2 अन्य साथी भी मारे गए. पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार कई अन्य अपराधियों को भी गोली लगी है, जो फरार होने में कामयाब रहे. पुलिस उनकी गिरफ़्तारी के लिए प्रयासरत है और लगातार तलाशी अभियान के लिए छापेमारी कर रही है. एनकाउंटर के बाद चलाए गए कॉम्बिंग ऑपरेशन में भारी मात्रा में हथियार के साथ नगद रुपये भी बरामद किये गए हैं. एसटीएफ की स्क्वॉड टीम और अभियान दल ने मिलकर कार्रवाई की. बताया जाता है की अपराधियों ने करीब एक महीने से बहलोलपुर दियारा इलाके में शरण ले रखी थी.

प्राप्त जानकारी के अनुसार मनीष सोना का बड़ा लुटेरा था. वो देशभर में सोने की लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुका था. मारे गए कुख्यात सोना लुटेरे मनीष का गिरोह का राजस्थान के जयपुर, कोटा, कोलकाता समेत कई शहरों में सोना लूट कांड को अंजाम देने में संलिप्तता रही है. पटना का कुख्यात सोना लुटेरा सुबोध सिंह फिलहाल जेल में बंद हैं. कभी सुबोध सिंह का खास रहा मनीष कभी सुबोध सिंह के गैंग के लिए के लिए काम करता था. लेकिन कुछ साल पहले रुपसपुर थाना इलाके से पुलिस ने सुबोध सिंह को गिरफ्तार कर लिया था. उसके बाद मनीष सिंह ने खुद का गैंग बनाकर देश के विभिन्न शहरों में सोना लूट की वारदात को अंजाम देने लगा.
