“मैं भी चौकीदार हूॅ” और “हम भी चौकीदार हैं” प्रधामंत्री नरेंद्र सिंह मोदी के ट्विटर अकाउंट पर चौकीदार लिखते ही। देश में चौकीदार शब्द एक अभियान का रूप ले चुका है। मोदी के सभी समर्थक अपने ट्विटर अकाउंट पर नाम के आगे चौकीदार लिख चुके हैं। लेकिन अब यह शब्द अकाउंट से निकलर लोगों की गाड़ियों के नंबर प्लेट तक पहुंच चुका है।
वैसे तो भारतीय कानून कहता है कि किसी भी वाहन की नंबर प्लेट पर लिखे शब्द एकदम साफ शब्दों में दिखाई देने चाहिए। लेकिन कानून को ताख पर रखकर उनसे खिलवाड़ करना पुराना मामला हो गया है। एक विचित्र मामला मध्यप्रदेश से सामने आया जहॉं भाजपा विधायक पर उनकी कार की नंबर प्लेट के ऊपर चौकीदार लिखी हुई एक प्लेट लगाने पर जुर्माना लगाया गया।
भाजपा विधायक राम डांगोर के खिलाफ खंडवा पुलिस द्वारा चौकीदार पंधाना लिखवाने के लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 51 के उल्लंघन के लिए चालान जारी किया गया है। इस पूरे मामले में प्रतिक्रिया देते हुए खंडवा के पुलिस अध्यक्ष सिद्वार्थ बहुगुणा के ने बताया कि “विधायक राम डांगोर के वाहन को सोमवार शाम को ट्रैफिक पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन के लिए रोका था। ” जिस समय उनकी कार रोकी गई उस समय विधायक ने पुलिस से बात की और चालान स्वीकार नहीं किया।

बाद में अदालत के माध्यम से उन्हें चालान भेजा गया था। विधायक राम डांगोर के अनुसार, “ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने मेरे वाहन को रोक दिया और कहा कि मैं अपने वाहन पर चौकीदार नहीं लिखूंगा क्योंकि यह आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन था। मैंने उनसे कहा कि यह सिर्फ एक शब्द है और किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है। लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी और मुझसे जुर्माना भरने को कहा। ”
वैसे तो यह एक गंभीर अपराध है या नहीं, इस पर बहस की जा सकती है क्योंकि यहाँ सही या गलत बताते हुए कोई निश्चित जवाब नहीं है। हालाँकि, एक चालान जारी किया गया है और अदालत के माध्यम से भेजा गया है, इसलिए इसे कानून का समर्थन मिला है । जिसमें इसे भुगतान करने की आवश्यकता है, और ऐसा न करने की स्थिति में TUV300 जब्त की जा सकती है।