गढ़चिरौली में नक्सली हमले में 15 जवान शहीद

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में बुधवार को नक्सलियों द्वारा किए गए एक आईईडी विस्फोट में 15 सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि विस्फोट से पहले नक्सलियों ने एक सड़क निर्माण ठेकेदार के 25 वाहनों को जला दिया था। उन्होंने बताया कि मरने वालों में गढ़चिरौली पुलिस की क्विक रिएक्शन टीम के सदस्य शामिल हैं जो वाहन जलाए जाने वाली जगह का निरीक्षण करने के लिए जा रहे थे। तभी घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उनपर हमला कर दिया। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि टीम का वाहन जब कुरखेडा क्षेत्र के लेंढारी नाले के पास पहुंचा तो वहां विस्फोट हो गया।

महाराष्ट्र के मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने हमले को लेकर कहा, ‘हमें अंदेशा है कि इस घटना में 15 जवान शहीद हो गए जबकि ड्राइवर की भी मौत हो गई। जवानों की गाड़ी में 15 जवान सहित एक ड्राइवर सवार था। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में शांति पूर्वक और बढ़-चढ़कर हो रहे मतदान से नक्सली भड़के हुए थे। इसी वजह से उन्होंने इस आईईडी धमाके को अंजाम दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में हमारे सुरक्षाकर्मियों पर हुए कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं। सभी सुरक्षाबलों को सलाम। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। शहीदों के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इस घटना को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।’ कांग्रेस ने हमले की निंदा की है। पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर लिखा, ‘गढ़चिरौली में सी-60 कमांडो पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। शहीदों के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। उनका बलिदान बेकार नहीं जाएगा। पिछले पांच सालों में नक्सली हमलों में 390 जवान शहीद हुए हैं। यह भारत को सुरक्षित करने के मोदी सरकार के खोखले दावों का पर्दाफाश करता है।’

घटना की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ शैलेश काले मौके पर पहुंच गए। इससे पहले नक्सलियों ने सड़क निर्माण में लगे 27 वाहनों को भी आग लगा दी थी। बताया जा रहा है कि इस घटना में 150 से ज्यादा नक्सली शामिल थे। कुरखेड़ा से छह किमी दूर कोरची मार्ग पर यह विस्फोट हुआ।

नक्सली खतरों के मद्देनजर साल 1992 में सी-60 फोर्स तैयार की गई थी। इसमें पुलिस के 60 जवान शामिल होते हैं। इस फोर्स में शामिल पुलिसवालों को गुरिल्ला युद्ध के लिए भी तैयार किया जाता है। इन्हें हैदराबाद, बिहार और नागपुर में प्रशिक्षण दिया जाता है। इस फोर्स को महाराष्ट्र की सर्वश्रेष्ठ फोर्स माना जाता है।

खुफिया जानकारी के आधार पर यह फोर्स आसपास के क्षेत्रों मे ऑपरेशन को अंजाम देती है। इस फोर्स के जवान अपने साथ लगभग 15 किलो का भार लेकर चलते हैं। जिसमें हथियारों के अलावा, खाना, पानी, फर्स्ट ऐड और अन्य सामान होता है।

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