भागलपुर जिले के ग्रामीण इलाके के लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पीएचईडी विभाग की ओर से पहल तेज कर दी गई है। अलग-अलग विभागों से चापाकल गाड़ने के लिए भी योजना की स्वीकृति मिली है।
आपदा प्रबंधन से 215 चापाकल के लिए योजना की स्वीकृति मिली है। जबकि पूर्व में 200 चापाकल गाड़ने की स्वीकृति मिली थी, जिस पर पीएचईडी विभाग की ओर से काम चल रहा है। इसके साथ ही हर घर नल का जल योजना के लिए 550 वार्डों में 165 करोड़ की लागत से अकेले पूर्वी भाग में काम होना है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

संभावना जताई जा रही है कि 15 जुलाई तक पेयजल की सभी योजना के लिए टेंडर फाइनल हो जाएगा और काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही नल का जल के काम के लिए छह माह की समय सीमा तय की गई है। जबकि चापाकल गाड़ने के लिए तीन माह का समय निर्धारित किया गया है। यानी इस गर्मी में उन योजनाओं से जिले के लोगों की प्यास नहीं बुझ पाएगी। लेकिन नए साल से उसका लाभ लोगों को मिलने लगेगा।
पीएचईडी के प्रधान सचिव ने पीएचईडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को निर्देश दिया है कि जिलेभर के चापाकल का सर्वे करें और जरूरत के हिसाब से डिमांड का प्रस्ताव भेजें। इसको लेकर ही जिले में मंगलवार से खराब चापाकल का सर्वे शुरू कर दिया गया। इंजीनियरों के मुताबिक बुधवार की शाम तक सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद खराब चापाकल की संख्या को देखते हुए सप्ताहभर के अंदर मुख्यालय को डिमांड का प्रस्ताव भेजा जाएगा। वहां से संभावना है कि 15 जून तक प्रस्ताव की स्वीकृति मिल जाएगी और 15 जुलाई तक इसके लिए टेंडर हो जाएगा। इसके बाद अगस्त से चापाकल गाड़ने का काम शुरू हो जाएगा।

हर घर नज का जल योजना के लिए अकेला पूर्व इलाके कहलगांव, पीरपैंती व गंगा पार के प्रखंडों के लिए 550 वार्डों में काम होना है। 300 वार्डों के लिए टेंडर निकाला जा चुका है। 12 जून तक आरएफपी होगा। इस माह के अंत तक सभी टेंडर खुल जाएगा और 15 जुलाई तक वर्क ऑर्डर जारी हो जाएगा। हर वार्ड में औसतन 30 लाख की लागत से काम होना है। शेष 250 वार्डों के लिए भी स्वीकृति इस माह के अंत तक मिलने की संभावना है।
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मंगलवार को पूर्वी में 125 और पश्चिमी में 90 अतिरिक्त चापाकल गाड़ने की स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही अब विभाग के स्तर पर टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि राशि मिलने के साथ इस दिशा में काम शुरू किया जा सके। जबकि पूर्व में आपदा विभाग से पीएचईडी को 125 चापाकल गाड़ने की स्वीकृति मिली थी। इसमें से 110 चापाकल गाड़े जा चुके है। शेष 15 चापाकल गाड़ने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं पश्चिमी भाग में पूर्व में 75 चापाकल गाड़ने की स्वीकृति मिली थी, जिसे गाड़ा जा चुका है। जबकि इलेक्शन को लेकर भी 100 चापाकल गाड़े गए हैं।

550 में से 300 वार्डों में हर घर नल का जल योजना के लिए टेंडर हो चुका है। 15 जुलाई तक वर्कऑर्डर जारी हो जाएगा। आपदा से भी चापाकल गाड़ने की स्वीकृति मिली है। खराब चापाकल का सर्वे किया जा रहा है। रंजीत कुमार, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पीएचईडी