जय श्रीराम के जयकारा से खफा रहने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री “ममता बनर्जी” को अब अयोध्या के संत “जय श्रीराम” अंकित पोस्टकार्ड भेजेंगे. संतों का मानना है कि इससे उनकी भगवान राम के प्रति आस्था बढ़ेगी.

अयोध्या में आज तपस्वी जी की छावनी के महंत परमहंस दास ने हवन पूजन कर इसका एलान किया. महंत ने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम अयोध्या से 11000 जय श्री राम अंकित पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे. डॉ. राम विलास दास वेदांती व स्वामी परमहंस दास ने ममता बनर्जी की सद्बुद्धि के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया.

तपस्वी छावनी के महंत स्वामी परमहंस दास ने पोस्टकार्ड में लिखा है कि ममता बनर्जी, ‘जय श्रीराम का विरोध छोड़ो या तो फिर भारत छोड़ो’. अयोध्या में संतों ने ममता बनर्जी को श्रीराम लिखा पोस्टकार्ड भेजना शुरू कर दिया है.

तपस्वी छावनी में बुद्धि शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया जिससे कथित रूप से श्रीराम विरोधी विचारधारा वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सद्बुद्धि आए. आयोजन के मुख्य यजमान श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ. राम विलास दास वेदांती व स्वामी परमहंस दास थे. संतों ने ममता बनर्जी की राम विरोधी सोच के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया.

यज्ञ के बाद न्यास के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व सांसद डॉ. राम विलास दास वेदांती ने सीएम ममता बनर्जी को श्रीराम नाम लिखा पोस्टकार्ड लिखा, जिसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पोस्ट किया गया. स्वामी परमहंस दास का ने कहा – जो राम विरोधी हैं उनके लिए देश में कोई जगह नहीं है. इसके साथ ही वेदांती ने संतों से आह्वान किया कि सभी लोग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को श्रीराम नाम लिखा पोस्टकार्ड भेजें.

उन्होंने जय श्री राम का नारा लगाने पर ममता बनर्जी के विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और साथ ही उन्होंने कहा कि जय श्री राम का नारा भारत में नहीं लगेगा तो क्या बांग्लादेश व पाकिस्तान में लगेगा.
इस मौके पर राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य डॉ रामविलास दास वेदांती ने कहा जय श्रीराम पर पाबंदी तो रावण और बाबर जैसे आतताई भी नहीं लगा सके तो ममता बनर्जी की क्या लगेंगी है.

उन्होंने मोदी और योगी सरकार पर विश्वास जताते हुए ये ऐलान किया की 2022 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पूर्व राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा. इस मौके पर मौजूद भाजपा के सह मीडिया प्रभारी आकाश मणि त्रिपाठी ने कहा जय श्री राम अंकित अयोध्या से भेजे जाने वाले पोस्टकार्ड की संख्या निकट भविष्य में 11,000 से कई गुना अधिक हो सकती है इस दौरान बड़ी संख्या में साधु संत मौजूद रहे.

राम मंदिर निर्माण की बाधा दूर करने के लिए की गई प्रार्थना
इसके साथ ही साथ देवी शक्ति यज्ञ के माध्यम से शीघ्र राम मंदिर निर्माण की बाधा दूर करने की प्रार्थना की गई. तपस्वी छावनी के महंत स्वामी परमहंस दास का कहना है कि बुद्धि शुद्धि यज्ञ के साथ देवी शक्ति यज्ञ के माध्यम से राम मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की गई है, जिससे केंद्र की सरकार को ईश्वरीय शक्ति मिल सके. संतों का मानना है कि केंद्र की सरकार कश्मीर में धारा 370 समाप्त करे, जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाए.
Source : jagran