जिले में 24 जून से 5 जुलाई तक चलेगा पखवारा, बार-बार दस्त होना बच्चे के विकास में बाधक, आशा घर-घर जाकर बाटेंगी ओआरएस का पैकेट
MUZAFFARPUR : जिले में डायरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 24 जून से 5 जुलाई तक सघन दस्त नियंत्रण पखवाडा चलाया जाएगा. इसके लिए मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गयी. इस दौरान डायरिया के विषय में जानकारी दी गयी एवं पखवाड़े के बेहतर कार्यान्वयन को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया गया.
इस अवसर पर ज़िला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ आर पी सिंह ने बताया कि जिले में 24 जून से 5 जुलाई तक चलाए जाने वाले सघन दस्त पखवारे की तैयारी कर ली गयी है. इसके लिए जिले के सभी पीएचसी को ओआरएस और ज़िंक की उपलब्धता सुनिश्चित करायी गयी है. इस पखवारे के दौरान बच्चों को डायरिया से बचाव हेतु 0 से 5 साल तक के बच्चों में ओआरएस एवं ज़िंक का वितरण किया जाएगा. सामुदायिक स्तर पर इसके कुशल कार्यान्वयन की जिमेम्दारी आशाओं को दी गयी है. आशाएं इस दौरान घर-घर जाकर डायरिया के विषय में जागरूकता फैलाएंगी एवं ओआरएस का पैकेट भी वितरित करेंगी.

बार-बार दस्त होना ख़तरनाक : बार-बार दस्त होने के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि इससे बच्चे में सम्पूर्ण शारीरिक एवं मानसिक विकास में कमी आती है. साथ ही इसके कारण बच्चा मधुमेह जैसे गंभीर रोग से पीड़ित भी हो सकता है. उन्होंने बताया कि 24 घंटे के दौरान तीन या उससे अधिक बार पानी जैसा दस्त आना डायरिया है. डायरिया जीवाणु व विषाणु संक्रमण के कारण तो होता ही है परंतु सबसे सामान्य कारण है प्रदूषित पानी, खान-पान मेँ गड़बड़ी और आंत मेँ संक्रमण. डायरिया से शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिसे डीहाईड्रेशन कहते हैं.
इससे शरीर में कमजोरी आ जाती है और अगर समय पर इलाज न मिले तो पीड़ित की मृत्यु भी हो सकती है. पानी जैसा लगातार मल का होना, बार बार उल्टी होना, अत्यधिक प्यास का लगना, पानी न पी पाना, दस्त के साथ बुखार का होना एवं मल में खून आना जैसे लक्ष्ण डायरिया के होते हैं. इन लक्ष्णों के दिखाई देने पर बच्चे को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाना चाहिए.



