
MUZAFFARPUR : गुरुवार 27 जून की दोपहर लकड़ी ढाही स्थित बूढी गंडक नदी में नहाने के दौरान डू’बे दो बच्चों के श’वों को अथक प्रयास के बाद शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने ढूंढ निकाला. पुलिस ने श’व का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया। दो बच्चों की मौत से दोनों परिवार में कोह’राम मच गया। मौके पर मौजूद बच्चों के परिजनों के रु’दन-क्रं’दन से माहौल गम’गीन हो गया. मौके पर जिला प्रशासन ने पीड़ित परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है.

घटना के सम्बन्ध में मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर 12 बजे के आसपास मालीघाट के 12 से 15 वर्ष आयु के 5 बच्चे लकड़ी ढाही स्थित बूढी गंडक नदी में नहाने पहुंचे थे. नहाने के दौरान गहरी पानी में चले गए जिससे सभी बच्चे डू’बने लगे जिस पर उन्होंने शो’र मचाया. पास में ही घाट पर मौजूद लकड़ी ढाही निवासी प्रेम कुमार और छोटू कुमार ने बच्चों को डू’बता देख नदी में छलांग लगा दी और अभिषेक समेत तीन बच्चों को बाहर निकाला. बताया जाता है कि नहाने के दौरान मालीघाट निवासी रघुनाथ साह का पुत्र अविनाश जायसवाल और पिंकू महतो का पुत्र यश कुमार गहरे पानी में चले गये, जिससे वह डू’ब गए.

प्रेम और छोटू ने बताया की सभी बच्चे नहाने के दौरान नदी में स्टं’ट कर रहे थे और कला’बाजियां लगा रहे थे. दो बच्चों के डू’बने की सूचना पर आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश, सिकंदरपुर ओपी अध्यक्ष दल बल के साथ मौके पर पहुँच गए. बच्चों के डू’बने की जानकारी मिलने पर परिजन भी मौके पर पहुँच गए, और नदी किनारे रखे अपने-अपने बच्चों के कपड़ों और चप्पलों से उनकी पहचान की. परिजनों के बीच कोह’राम मच गया. दोनों बच्चों की मां अपने बच्चों के कपड़े सीने से लगा कर बार बार बे’होश हो जा रही थीं.

पुलिस की मौजूदगी में स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम के सहयोग से दोपहर 1 बजे से संध्या 7 बजे तक सर्च ऑप’रेशन चलाया गया, पर सफलता नहीं मिली. शुक्रवार सुबह 8 बजे से दो-ढाई घंटे तक एसडीआरएफ और गोताखोरों द्वारा किये गए अथक प्रयास के बाद डुबे दोनों बच्चों के श’व नदी से बरा’मद कर लिए गए. परिजनों के विलाप से उपस्थित जनसमूह की आँखें नम हो गयी. श’व बरामद होने के उपरांत पुलिस ने श’व को कब्जे में लेकर पोस्टमॉ’र्टम कराने के उपरांत बच्चों के श’वों को उनके परिजनों सौंप दिया. जानकारी के अनुसार तीन बच्चों की जा’न बचा’ने वाले लकड़ी ढाही निवासी प्रेम कुमार और छोटू कुमार के हिम्मत और बहादुरी को देखते हुए पुलिस के वरीय अधिकारियों से उन्हें पुरस्कृत करने की अनुशंसा की गई है.

